Jan 2, 2026
इंदौर दूषित पानी मामला: सीएम मोहन यादव का सख्त ऐक्शन, निगम अधिकारियों पर गिरी गाज
मध्यप्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से पैदा हुई गंभीर स्थिति ने पूरे शहर को हिला दिया है। सीवेज के रिसाव से पानी प्रदूषित होने के कारण लोगों की सेहत बिगड़ी और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
अपर आयुक्त पद से हटाए, नोटिस थमाए गए
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन) की रिपोर्ट पर विचार के बाद इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने तथा प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश भी दिए गए। सीएम ने साफ कहा कि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की top प्राथमिकता है और लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मौतों का सिलसिला जारी, इलाके में दहशत
दूषित पानी पीने से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों मरीज अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। गंभीर हालत वाले मरीजों को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, वहीं कई को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। भागीरथपुरा में भय का माहौल है, सड़कें वीरान हैं और लोग नल के पानी से दूर रह रहे हैं। प्रशासन ने पानी के टैंकर भिजवाए हैं और घर-घर जांच टीम तैनात की है।
सुधार के लिए ठोस कदम
सीएम ने नगर निगम में खाली पदों पर फौरन भर्ती और पाइपलाइन नेटवर्क की गहन जांच के निर्देश दिए। यह घटना शहर के प्रबंधन पर सवाल उठा रही है, मगर सरकार जवाबदेही तय कर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।







