मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंर्तगत 245 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंर्तगत 245 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत बीजापुर में महिला बाल विकास विभाग द्वारा सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया जिसमे तीन ब्लॉक के 245 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, इस विवाह में दो धर्मों हिन्दू और इसाई धर्म के लोगों का रीती रिवाज के साथ विवाह कराया गया साथ ही एक दिव्यांग जोड़ा पांडू तेलम और शांति तेलम भी विवाह के बंधन में बंधे।

खास बात ये है की दिव्यांग जोड़े में दोनों ही दिव्यांग हैं, पांडू तेलाम जो बचपन से ही देख नहीं सकता और उसकी प्रेमिका शांति तेलाम दोनों पैरों से लाचार जो सिर्फ बैसाखियों की मद्दद से ही चार कदम का फासला तय कर सकती है उन दोनों ने पहाड़ जैसी जिंदगी एक दूजे के साथ बिताने की गजब की समर्पण की भावना या जिद ने उन्हें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह पंडाल पर ला खड़ा किया है जहाँ सरकार की योजना ने दोनों बेसहारों को एक दुसरे का सहारा बना दिया है, बता दें बीजापुर जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तुरनार जहाँ का रहने वाला है सूरदास या पांडू जिसकी मुलाकात 6 महीने पहले शांति नाम की युवती से हुई। दोनों ने एक दूजे के दर्द और एहसास को समझा, शांति जहाँ अच्छे से बोल नहीं पाती वही पांडू फर्राटे से हिंदी बोल सकता है लेकिन भाषा भी इनकी प्रेम कहानी को परवान चड़ने से नहीं रोक पायी।

पांडू बताता है की उनका कोई सहारा नहीं है ऐसे में वो एक दूजे के दुःख सुख और अपने पण को बखूबी समझते हैं और पैरों के माध्यम से इशारों में ज्यादातर चीजों को समझ लेते हैं तुरनार स्कूल में झाड़ू लगाने का काम कर रहे पांडू को मेहनताना मिल जाता है उसी से वे अपनी जीविका चलाते हैं।


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