आबकारी उप निरीक्षक कार्यालय 45 वर्ष पुराने पीडब्ल्यूडी के कंडम हो चुके भवन में हो रहा संचालित

आबकारी उप निरीक्षक कार्यालय 45 वर्ष पुराने पीडब्ल्यूडी के कंडम हो चुके भवन में हो रहा संचालित

सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला आबकारी विभाग खुद के भवन के लिए तरस रहा है आबकारी उप निरीक्षक कार्यालय भानुप्रतापपुर 45 वर्ष पुराने पीडब्ल्यूडी के कंडम हो चुके भवन में संचालित हो रहा है। खपरैल वाले इस भवन में बारिश के दौरान पानी टपकने लगाता है। विभाग द्वारा भवन के छप्पर की भी मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके चलते बारिश होते ही पानी कमरों में भरने लगता है। इससे परेशान कर्मचारी टेबल को एक कोने से दूसरे कोने में खिसकाते रहते हैं। 

कर्मचारियों का कहना है नए भवन के लिए कई बार मांग की जाती है लेकिन कोई ध्यान नहीं देते है। सरकार को सबसे ज्यादा आय देने वाला आबकारी विभाग वर्तमान में पीडब्ल्यूडी के राइटअप भवन में संचालित है। यहां भानुप्रतापपुर के आबकारी उप निरीक्षक कार्यालय हैं। भानुप्रतापपुर में 1988 में एक किराए के मकान में कार्यालय संचालित हो रहा था। इसके बाद 1999 में पीडब्ल्यूडी के खपरैल मकान में इसे स्थानांतरित किया गया तब से यही कार्यालय है। खपरैल वाला भवन होने से बारिश में यहां पानी टकपने लगता है। इससे भवन के कमरों में पानी भर जाता है। 

तेज बारिश होने पर खतरे को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारी पास के रंगमंच में शरण लेते हैं। भवन के लिए कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारी के अलावा एसडीएम को भी अवगत कराया। उन्होंने खाली पड़े सरकारी भवन को संचालन के लिए देने की मांग की, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। भवन में उप निरीक्षक कार्यालय भानुप्रतापपुर के 1 दरोगा, 1 हवलदार, 2 सिपाही, 1 चपरासी है। वहीं सहायक आयुक्त आबकारी एल बारला ने कहा कि कार्यालय का भवन कमजोर है। इसे किसी दूसरे सरकारी भवन या किसी किराए के भवन में संचालित किया जाएगा। इसके लिए कार्यालय प्रभारी को अवगत कराया गया है। 
 


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