सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में मरीजों की भीड़, सुरक्षा और सावधानी का नामोनिशान नहीं

सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में मरीजों की भीड़, सुरक्षा और सावधानी का नामोनिशान नहीं

महासमुन्दः पूरे विश्व इन दिनों कोरोना वायरस से ग्रसित है। राज्य सरकार ने कोरोना के चलते पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया है और स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी तक को बंद कर दिया है। पूरे प्रदेश के जिला अस्पतालों में कोरोना से बचेने के लिए डॉक्टर सहित कोरोना के इलाज के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। इन सब से महासमुन्द का जिला अस्पताल भी अछूता नहीं है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कोरोना के मरीजों के लिए पर्याप्त कीड, दवा और बेड का इंतजाम कर लिया है। साथ ही कोरोना के ईलाज के लिए डॉक्टरों की बैठक भी चल रही है। दूसरी तरफ अस्पताल का यह आलम है कि सौ बिस्तर वाले अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में मरीज एक दूसरे से सट कर खड़े थे।

लापरवाह हुये जिला अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी

इन मरीजों में महिलाओं के साथ छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना का वायरस बच्चों और बुजुर्गों पर जल्दी ही इनफैक्सन फैलाता है। बावजूद इसके जिला अस्पताल इन सबसे परवाह है। जिला अस्पताल के डाक्टरों और नर्सों को छोड़ दिया जाये तो, और कोई अन्य व्यक्ति मास्क लगाये वहां अस्पताल में नहीं था। महासमुन्द जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएचओ डाक्टर राकेश परदल से इस विषय पर बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा यहां कौन किसी के लिए रूकता है। पहले आओ पहले पावो। इलाज जल्द हो इस वजह से लोग इस तरह से खड़े हो रहे हैं। हालांकि बहरहाल अभी छत्तीसगढ़ में एक भी कोरोना का मरीज नहीं पाया गया है।


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