नाबालिगों बच्चों से कराया जा रहा है मजदूरी कार्य, ठेकेदार के कहने पर बच्चे बोल रहे झूठ

नाबालिगों बच्चों से कराया जा रहा है मजदूरी कार्य, ठेकेदार के कहने पर बच्चे बोल रहे झूठ

शहर के मध्य संतोषी मंदिर के सामने निर्माणाधीन भवन में कुछ नाबालिगों से मजदूरी कार्य कराया जा रहा था नाबालिग बच्चों से मजदूरी कार्य कराए जाने की सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण ईकाइ की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरी कर रहे बच्चे से उसकी उम्र जाननी चाही जिस पर नाबालिग बच्चे ने अठ्ठारह वर्ष पूरे होने की बात कही टीम द्वारा आधार कार्ड मांगे जाने पर नाबालिग ने कहा अभी सत्रह पूरे हुए हैं नाबालिगों को मजदूरी कार्य में लगाए जाने  के बाद अक्सर ठेकेदार उन्हें यह भी सीखा देते हैं कि किसी प्रकार की पूछताछ में अपनी आयु अठ्ठारह वर्ष बतानी है।

सामान्य रूप से मजदूरी कार्य में लगे नाबालिग भी स्वयं को बालिग बताते हैं यही नजारा भी देखने मिला जब जिला बाल संरक्षण ईकाइ की टीम संतोषी मंदिर के पास निर्माणाधीन भवन में पहुंची तो  उन्हें नाबालिग बच्चे कार्य करते मिले टीम ने जब काम कर रहे नाबालिग बच्चे से उसकी उम्र पूछी तो उसने कहा कि वह अठ्ठारह वर्ष का हो गया है जिस पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया ने उससे आधार कार्ड मांगा नाबालिग ने बताया कि उसका आधार कार्ड उसके पास नहीं है।

जन्म  तिथि व स्कूल की पढ़ाई के संबंध में पूछे जाने के बाद बच्चे ने कहा कि वह सत्रह वर्ष के आसपास है यही स्थिति अन्य नाबालिग मजदूरों के साथ दिखाई दी चौदह व पंद्रह वर्ष के बच्चे भी स्वयं को बालिग बताते नजर आए टीम ने ठेकेदार से पूछताछ की जिस पर पता चला कि अन्य मजदूरों के साथ नाबालिग बच्चे भी पश्चिम बंगाल से कार्य करने के लिए पहुंचे हैं जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया ने बताया कि जांच में चार बच्चे नाबालिग मिले हैं जिनमें दो की उम्र साढ़े सत्रह वर्ष है और एक चौदह व एक पंद्रह वर्ष का है चौदह व पंद्रह वर्ष के दो बच्चों को संरक्षण में रखा गया है और उन्हें सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 


Share
Bulletin