सेंट फ्रांसिस स्कूल प्रबंधन की मनमानी, बिना पालक समिति के फीस में वृद्धि

सेंट फ्रांसिस स्कूल प्रबंधन की मनमानी, बिना पालक समिति के फीस में वृद्धि

बता दें सेंट फ्रांसिस स्कूल प्रबंधन ने बिना पालक समिति का गठन किए स्कूल फीस में बढोतरी कर दी है जबकि राज्य शासन के दिशा निर्देश अनुसार कोई भी प्राइवेट स्कूल पालक समिति के गठन के बाद और बैठक में लिए गए निर्णय के बाद ही स्कूल फीस या अन्य चीजों को आवश्यकता अनुसार तय करेगा। 

संयुक्त दल ने की जांच
निजी शैक्षणिक संस्था सेंट फ्रांसिस स्कूल के मनमानी के खिलाफ आक्रोशित पालको के शिकायत पर डीईओ, एसडीएम, बीईओ के सयुंक्त दल ने स्कूल जाकर लगभग चार घण्टे तक जांच की। अधिकारियो के दल ने पालकों द्वारा बिंदुवार की गई शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया तथा प्रबन्धन को समस्या के समाधान का निर्देश देते हुए 10 दिवस के भीतर पालक समिति गठन करने को कहा है।

एक्टिविटी फंड के नाम से ली जा रही गलत ढंग से राशि
निजी स्कूल के आक्रोशित पालको ने विगत दिनों पिथौरा ब्लाँक खैर खुटा गाँव में सुराज अभियान मे आये मुख्यमंत्री डाँक्टर रमन सिंह सहित एसडीएम, बीईओ के नाम ज्ञापन सौपा था।
पालको ने अपने शिकायत पत्र में उल्लेख किया था कि प्रबन्धन द्वारा सीबीएससी के मापदंडों के अनुरूप शिक्षक नही रखे है, स्कूली बच्चों की फीस में हमेशा ही मनमानी वृद्धि कर दी जाती है। एक्टिविटी फंड के नाम से गलत ढंग से राशि ली जाती है।  

स्कूल में नहीं है पालक समिति
स्कूल में अभी तक पालक समिति नही बनाई गई है छोटे छोटे बच्चो के बेग में भारी वजन होता है। जबकि सीबीएससी के मापदंडों के अनुसार स्कूली बेग के वजन के सम्बंध नियम बने हुए है। बता दें कि उक्त शैक्षणिक संस्था के विरुद्ध पालकों ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर महासमुंद से शिकायत की थी। कार्यवाही नही होने पर आक्रोशित पालकों ने 7 दिन का समय देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी। पालकों का आक्रोश इसीलिए भी बढ़ता जा रहा है क्यों कि प्रबन्धन को शिकायत की कोई परवाह नही है बल्कि जायज मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। 

किताबों को बेच रहे महंगे दर पर
प्राथमिक कक्षाओं के किताबों में प्रकाशकों को प्रतिवर्ष जानबूझकर बदल दिया जाता है ताकि पुरानी किताबों का इस्तेमाल स्कूली बच्चे ना कर सकें। जिन किताबों को यहां पर चलाया जाता है उसी स्तर की किताबें खुले बाजार में कम दरों पर मिलती हैं जबकि यहां पर किताबों को कई गुना महंगे दरों में बिक्री कराया जाता है।

पालकों ने ज्ञापन में दी चेतावनी
पालको ने ज्ञापन में चेतावनी दी थी कि अगर 7 दिवस के भीतर जांच कार्यवाही नही होती है तो आक्रोशित पालक आंदोलन करने बाध्य हो जावेंगे। पालकों की मांग को प्रशासन ने गम्भीरता से लिया था तथा सोमवार को अधिकारियों के टीम ने स्कूल में दबिश दी। पालकों के समक्ष जांच  करने पर शिकायतों को सही पाया व तत्काल आवश्यक निर्देश भी गये। समुचित जाँच हेतु एक हाईपावर कमिटी के गठन करने की भी बात कही है। 
 


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