सपा और कांग्रेस के गठबंधन की डोर, क्या टिकेगी 2019 तक

सपा और कांग्रेस के गठबंधन की डोर, क्या टिकेगी 2019 तक

सपा और कांग्रेस के गठबंधन से कौन परिचित नहीं है। दोनो राजनीतिक दल ​हमेशा ​प्रतिकूल परिस्थतियों में एक दूसरे का साथ देते आए है। लेकिन मोदी सरकार आने के बाद इनके गठबंधन की डोर कच्ची होती दिखाई देने लगी है। विधानसभा का मिलकर चुनाव लड़ चुके कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन लोकसभा का 2019 में होने वाले चुनाव के लिये कच्चा पड़ता नजर आ रहा है।

पिछले साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। और उस समय विधानसभा की कुल 403 सीटों में से कांग्रेस ने 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। जबकि सपा ने 300 पर अपने उम्मीदवार खड़े किये थे। चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस को सात सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जबकि सपा को 47 सीटें मिली थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जो सपा अध्यक्ष रह चुके है उन्होंने चुनाव के बाद कहा था कि कांग्रेस और सपा के राजनीतिक सम्बन्ध ​हमेशा इसी तरह से जुडे रहेंगे, लेकिन हाल में जो राजनीतिक चक्र बदला है उससे तो अब यही लग रहा है कि दोनों दलों का चुनावी गठबंधन मुश्किल में न पड जाए।


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