वायरस: भारत में मृतक संख्या 10 तक पहुंची, केंद्र ने राज्यों से जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू लगाने को कहा

वायरस: भारत में मृतक संख्या 10 तक पहुंची, केंद्र ने राज्यों से जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू लगाने को कहा

भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 500 को पार कर गई है तथा एक और व्यक्ति की मौत के साथ देश में इस विषाणु से मरने वालों की संख्या अब 10 हो गई है। इसके साथ ही केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से जरूरत वाले क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने को कहा है क्योंकि देश के अनेक हिस्सों में लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। महामारी से निपटने के लिए 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 31 मार्च तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। लॉकडाउन के बावजूद लोगों के बाहर घूमने का अधिकारी गंभीर रूप से संज्ञान ले रहे हैं। उनका मानना है कि विषाणु संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आगामी दिन और सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण भारतीय उद्योग और नौकरियों पर पड़ रहे बुरे प्रभाव के मद्देनजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संकट से निपटने में मदद के लिए जल्द ही एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाएगी। सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा कि पैकेज की जल्द से जल्द घोषणा की जाएगी। दो राज्य-पंजाब और महाराष्ट्र तथा एक केंद्रशासित प्रदेश-पुडुचेरी पहले ही अपने यहां कर्फ्यू लगा चुके हैं।

महानगर में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या तीन

उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने लॉकडाउन को समूचे राज्य में विस्तारित करने का मंगलवार को निर्णय किया। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 65 वर्षीय एक रोगी की मुंबई में मौत हो गई जिससे महानगर में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। देश में कोरोना वायरस के अब तक सामने आए कुल 492 मामलों में से 101 मामले अकेले महाराष्ट्र में हैं और केरल में 91 मामले हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक बयान में कहा कि मुंबई में जिस व्यक्ति की मौत हुई है, वह हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात से अहमदाबाद लौटा था। बाद में उसने बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। मरीज को 20 मार्च को मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। बीएमसी ने कहा कि इस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप और गंभीर मधुमेह सहित पहले से मौजूद कई बीमारियां थीं। उसकी मौत सोमवार की शाम को हुई। मंगलवार सुबह अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड 19 के मामलों की संख्या 492 हो गई है जिनमें से 446 सक्रिय मामले हैं। आंकड़ों में 41 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। दिन में बाद में, कुछ और लोगों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इससे पहले हुईं नौ मौत महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में दर्ज की गईं।

विषाणु संक्रमण के मामले

आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार 37 लोगों का उपचार किया जा चुका है/अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है/वापस जा चुके हैं। विषाणु संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही अधिकारियों ने लगभग पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया है, लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है और सड़क, रेल तथा हवाई यातायात को अभूतपूर्व कदमों के तहत बंद कर दिया गया है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कुछ मुख्यमंत्रियों से बात की और लोगों के घरों से बाहर रहने पर कर्फ्यू लगाने की आवश्यकता से अवगत कराया। सरकार के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को सलाह दी गई है कि जहां जरूरी हो, वे कर्फ्यू लगाएं क्योंकि विषाणु के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से लॉकडाउन का आदेश दिए जाने के बावजूद लोग लगातार घरों से बाहर घूम रहे हैं। राज्य सरकारों से कहा गया है कि लोगों के एकत्र होने से मौजूदा स्थिति और खराब हो सकती है। अधिकारी ने कहा कि यह अब राज्य सरकारों पर है कि वे स्थानीय स्थिति के हिसाब से कार्रवाई करें और जिला मजिस्ट्रेटों को आवश्यक निर्देश दें जिनके पास कर्फ्यू लगाने की शक्ति है। केरल ने भी लॉकडाउन का आदेश दिया है जहां बसें सड़कों से नदारद रहीं, आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बंद रहीं, लेकिन लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते दिखे जिसपर पुलिस को दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। दोपहिया, ऑटोरिक्शा और निजी वाहन लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन करते दिखे। हरियाणा में कुछ स्थानों पर गैर आवश्यक कार्य से घरों से बाहर निकले लोगों को समझाने और वापस घर भेजने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। भिवानी में एक नाके पर पुलिस को अनेक दोपहिया वाहन चालकों से जूझना पड़ा जो गैर आवश्यक कार्य के बिना ही सड़कों पर घूम रहे थे। ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने कहा, ‘‘हम लोगों को समझा रहे हैं और उन्हें वापस घर भेज रहे हैं।’’

कोविड-19 की रोकथाम के स्तर और प्रबंधन की समीक्षा

दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश में कोविड-19 की रोकथाम के स्तर और प्रबंधन की समीक्षा की और सामुदायिक निगरानी तथा संपर्क का पता लगाने की गुणवत्ता और मजबूती पर जोर दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार कुल 1,87,904 लोग निगरानी के दायरे में हैं और 35,073 लोग 28 दिन की निरीक्षण अवधि पूरी कर चुके हैं। हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के नियंत्रण कक्ष और जांच प्रयोगशालाओं का दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूदा स्तर की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ निगरानी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी की। उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं जो समय पर, सही और महत्वपूर्ण सूचना के साथ लोगों की मदद कर राष्ट्र की उत्तम सेवा कर रहे हैं।’’ स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘मैं वैज्ञानिकों को नमन करता हूं जो परीक्षण प्रक्रियाओं के साथ काम करते हैं और अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए खुद को जोखिम में डालते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह समय की आवश्यकता है कि सभी लोग जो घर पर या केंद्र में अलग-थलग हैं, वे सतर्कता बरतें, और वे सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉल तथा निजी स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की विशेष देखभाल किए जाने की आवश्यकता है।’’

 


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