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10वीं पास युवक की शातिर ठगी: 25 करोड़ की लूट, लग्जरी जीवन और हरियाणा से गिरफ्तारी

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Jan 3, 2026

10वीं पास युवक की शातिर ठगी: 25 करोड़ की लूट, लग्जरी जीवन और हरियाणा से गिरफ्तारी

राजेश शर्मा मंदसौर : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली ठगी की घटना सामने आई है, जहां मात्र 10वीं पास एक युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर फर्जी निवेश कंपनी बनाई और लोगों से अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये ठग लिए। मुख्य आरोपी अजय राठौर और उसका साथी आदित्य पालीवाल ने करीब 950 से ज्यादा निवेशकों को चूना लगाया। ठगी के पैसों से दोनों ने ऐशो-आराम की जिंदगी जी, महंगी कार खरीदी और सुरक्षा के लिए गनमैन भी रखा। लेकिन पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी जांच से दोनों को हरियाणा के फरीदाबाद से धर दबोचा। यह मामला साइबर क्राइम की बढ़ती चालाकी को उजागर करता है, जहां कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर बड़ा फ्रॉड कर सकता है।

 फर्जी कंपनी का जाल

अजय राठौर, जो मंदसौर के मल्हारगढ़ का रहने वाला है, ने तीन साल पहले एक निवेश कंपनी शुरू की। उसने आदित्य पालीवाल के साथ मिलकर लोगों को सालाना 15 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न का झांसा दिया। निवेशकों से कहा गया कि थोड़े समय में पैसा दोगुना हो जाएगा। इस लालच में सैकड़ों लोग फंस गए और बड़ी रकम निवेश कर दी। लेकिन तय समय पर न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। शिकायतें बढ़ने पर दोनों फरार हो गए।

 साइबर स्किल्स से पुलिस को चकमा

हैरानी की बात यह है कि दोनों आरोपी साइबर तकनीक में काफी कुशल थे। अजय ने एथिकल हैकिंग का कोर्स किया था, जिसका इस्तेमाल वह गलत कामों में करने लगा। वे प्रॉक्सी नेटवर्क, वर्चुअल लोकेशन और सिम-रहित मोबाइल का उपयोग कर अपनी लोकेशन छिपाते रहे। ठगी के बाद वे फरीदाबाद में छिपे और वहां गारमेंट्स की दुकान चलाकर आम जिंदगी का दिखावा करने लगे। पुलिस को उनके पीछे लगातार ठिकाने बदलने से काफी मशक्कत करनी पड़ी।

 ठगी की भारी कीमत और शिकायतों का सैलाब

जनवरी 2025 की शुरुआत में पहली शिकायत दर्ज होने के बाद एक हफ्ते में ही 72 से ज्यादा पीड़ित सामने आए। कुल ठगी की रकम 25 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। ठगे गए पैसों से अजय ने 80 लाख रुपये की लग्जरी जगुआर कार खरीदी, जबकि आदित्य गनमैन रखकर घूमता था। दोनों की जीवनशैली देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि वे शातिर ठग हैं।

 पुलिस की तकनीकी जीत

मंदसौर पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल सर्विलांस, बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेसिंग, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। फरीदाबाद में छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार किया गया। अब उनकी संपत्तियों और बेनामी खातों की जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी

साइबर क्राइम से निपटने में बड़ी सफलता है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि निवेश के नाम पर आने वाले आकर्षक ऑफर पर सावधानी बरतें। हमेशा कंपनी की वैधता जांचें और लालच में न आएं।

https://youtu.be/pz2M8F7ts_U?si=1tC56vcfG_s4xI-m

Report By:
Monika