Jan 3, 2026
झारखंड की तर्ज पर MP का ई-कैबिनेट मॉडल: 6 जनवरी से ई-कैबिनेट, ऑनलाइन मिलेगा पूरा एजेंडा
मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों को और अधिक पारदर्शी, तेज तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। ई-फाइल सिस्टम की सफलता के बाद अब कैबिनेट बैठकों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला लिया गया है। झारखंड के सफल मॉडल से प्रेरित होकर यह नया कदम उठाया जा रहा है, जिससे कैबिनेट की सभी प्रक्रियाएं कागज रहित हो जाएंगी।
6 जनवरी से लागू होगा ई-कैबिनेट ऐप
आगामी 6 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक से यह नया सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस बैठक में सभी मंत्रियों को विशेष एस-11 टैबलेट प्रदान किए जाएंगे। इन टैबलेट्स के माध्यम से मंत्री बैठक के पूरे एजेंडे, प्रस्तावों और संबंधित दस्तावेजों को सीधे ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे पहले की तरह मंत्रियों के निवास पर भारी-भरकम कागजी फोल्डर पहुंचाने की जरूरत नहीं रहेगी।
अधिकारियों को भी मिलेंगे टैबलेट, स्टाफ को दिया ट्रेनिंग
कैबिनेट बैठकों में नियमित रूप से शामिल होने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी ये टैबलेट दिए जाएंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और गोपनीयता बनी रहेगी। मंत्रियों के निजी स्टाफ को ई-कैबिनेट ऐप्लीकेशन के उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण पहले ही पूरा कराया गया है।
फरवरी से पूरी तरह डिजिटल मोड
फरवरी महीने से कैबिनेट से जुड़े सभी दस्तावेज, सूचनाएं और प्रस्ताव केवल डिजिटल फॉर्मेट में ही उपलब्ध होंगे। यह बदलाव न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा। सरकार का मानना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करेगा और प्रशासन को अधिक कुशल बनाएगा।
यह पहल मध्य प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा करेगी।








