मंडलाः डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की हुई मौत, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

मंडलाः डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की हुई मौत, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

अमित चौरसिया- मंडला जिले के बीजाडांडी सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टरों की लापरवाही से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है, जिसके चलते हजारों ग्रामीणों ने जबलपुर रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर घण्टों चक्का जाम रखा। करीब शाम 6 बजे एक चौदह वर्षीय बच्चे को सांप ने काट लिया था। जिसको लेकर परिजन तत्काल बीजाडांडी सामुदायिक केंद्र पहुँचे, जहाँ पर ब्लॉक मेडीकल ऑफिसर दिलीप अहिरवार मौजूद नहीं मिलें, तो परिजनों ने महिला डॉक्टर से उपचार करने को कहा, लेकिन उक्त महिला डॉक्टर ने बच्चे का उपचार नहीं किया और कह दिया कि इसको जबलपुर ले जाओ। परिजन बच्चे को जबलपुर ले जाने लगे, तभी रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि बीएमओ दिलीप अहिरवार और उनकी पत्नी जो एएमओ के पद पर आसीन है उनकी लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है, क्योंकि समय रहते अगर बच्चे को सर्प वाला वेक्सीन लग जाता तो बच्चे की जान बच जाती। डॉक्टर किरण अहिरवार ने बच्चे को सर्प वाला वैक्सिन नहीं लगाया, जिसके चलते बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप था कि इसी डॉक्टर दम्पति की लापरवाही से पहले भी हमारे परिवार में मौत हो चुकी है। 

डॉक्टर दम्पति की लापरवाही से पहले भी कई लोगों की हो चुकी मौत

बता दें, जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि बीएमओ दिलीप अहिरवार और उनकी डॉक्टर पत्नी किरण अहिरवार की लापरवाही से एक बच्चे की मौत हुई है तो सभी ग्रामीण तत्काल समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी पहुँचे और शव को घर से बुलवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने जबलपुर रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर धरने में बैठ गये। जिससे देखते ही देखते रोड के दोनों तरफ सैकड़ों की संख्या में वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वहीं जाम में फंसे वाहन चालकों का कहना था कि हम लोग पिछले कई घण्टों से जाम में फंसे हुऐ हैं। शव को रखकर जबलपुर रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम में बैठे परिजनों और तमाम ग्रामीणों एवं क्षेत्रीय नेताओं का कहना कि इन डॉक्टर दम्पति द्वारा पहले भी इसी तरह के कृत्य को अंजाम दिया गया है। इनकी लापरवाही से पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी हैं।

ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने की मेजिस्ट्रीयल जाँच की मांग

वहीं अधिकारियों का कहना है कि हमें ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बीएमओ डॉक्टर दिलीप अहिवार और उनकी डॉक्टर पत्नी किरण अहिरवार के खिलाफ एक आवेदन प्राप्त हुआ है, उसमें दोनों की लापरवाही से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और बच्चे के परिजनों की मांग है कि बीएमओ दिलीप अहिरवार और उनकी डॉक्टर पत्नी किरण अहिरवार को तत्काल यहाँ से हटाकर इनके खिलाफ मेजिस्ट्रीयल जाँच की जाये तो हमने जिला कलेक्टर के आदेश अनुसार डॉक्टर दम्पति को जिला चिकित्सालय में अटैच करने का आदेश दिया है और साथ ही मेजिस्ट्रीयल जाँच के आदेश दिये गये हैं।

 


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