गांव का गंदा पानी बना हादसे का कारण, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

गांव का गंदा पानी बना हादसे का कारण, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

वरूण शर्मा : सतना जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर एक ऐसा गाँव है जहां शिक्षा स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं है। लेकिन वहाँ तक पहुंचने वाले रास्ते पर सरहंगों की मनमानी के आगे सुविधाएं ढाक के तीन पात है। जी हाँ रास्ते पर सरहंगों ने मेढ़ बनाकर कब्जा कर लिया है। जिससे पूरे गॉव का गंदा पानी रास्ते पर इकट्ठा हो गया है। इसी वजह से स्कूल आंंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केन्द्र तक लोगो का निकलना मुश्किल है। चाहे छात्रों को स्कूल जाना हो, आंगनबाड़ी में छोटे बच्चों को जाना हो या फिर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना हो सभी को गंदे पानी वाले रास्ते का सामना करना पड़ता है। लोगो द्वारा इस बात की शिकायत जिला प्रशासन व 181 में किये जाने के बाद भी समस्या जस की तस है।

ये तस्वीरें आपके सामने सतना जिले के 8 किलोमीटर दूर माधवगढ़ कस्बे की है। यहां पूरे गांव का गंदा पानी बड़े हादसे का कारण बन सकता है कारण की इसी स्थान पर कुछ दबंगों द्वारा पानी का बहाव रोकने के लिए मिट्टी डालकर पानी का बहाव रोक दिया गया है। जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्री में पानी भरा हुआ है। जबकि इसी स्थान पर आंगनबाड़ी केंद्र भी है। इतना ही नहीं शासकीय कन्या हाई स्कूल जाने के लिए इसी स्थान से ही एकमात्र शॉर्टकट रास्ता है। पानी भराव की यह स्थिति पिछले करीब 2 माह से बनी हुई है लोगों को लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर इस स्थान को एक तरह से बांध बना दिया है लिहाजा आवागमन बाधित है और आने वाले समय में रास्ते के चलते पानी भराव के हालात में गंभीर हादसे की आशंका देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत की है। 

शिकायत में यह भी बताया है कि आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे-छोटे बच्चे आते हैं जो पानी के भराव में डूब भी सकते हैं किंतु अभी तक इस गंभीर मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। यहाँ शिक्षा स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं, सरहंगों की मनमानी के आगे दम तोड़ रही है। जी हाँ गाँव के सरहंगों के कारनामो के चलते पूरे गाँव का गंदा पानी आम-जनमानस और छात्राओं के लिए घातक बन गया है। आलम ये कि आम रास्ता तालाब मे तब्दील हो गया है आम इंसान रास्ते पर चलने पर तो नही चल पा रहा लेकिन रास्ते पर भरे पानी मे अब परिंदों (बतख) का डेरा है।

पिछले दो महीने से यहाँ पर यह स्थिति निर्मित है। लेकिन जिला प्रशासन इस बात से वंचित हैं। लोगो को माने तो इसकी शिकायत लोगो ने जिला प्रशासन व 181 सभी जगह की लेकिन सरहंगों के आगे शिकायत बौनी है। दो महीने से सरहंगों की वजह से जल भराव आम जनमानस का जीना मुश्किल हो गया है।वही इस संबंध में अब जिला प्रशाशन जाँच के बाद कार्यवाही की बात कर रहे है।


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