पूर्व मंत्री की पार्थिव देह आई ग्वालियर, कांग्रेस ने 3 दिन का शोक किया घोषित

पूर्व मंत्री की पार्थिव देह आई ग्वालियर, कांग्रेस ने 3 दिन का शोक किया घोषित

पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह की पार्थिव देह भोपाल से सोमवार की रात 9 बजे उनके निज निवास थाटीपुर लाई गई। उनके बेटे व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक सिंह पार्थिक देह सड़क मार्ग से लेकर आए। आज सुबह थाटीपुर स्थित मुक्तिधाम में अंतेष्टि की गई। इस दौरान तमाम राजनीतिक, सामाजिक व व्यापारिक लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही शहर जिला कांग्रेस ने तीन दिन का शोक घोषित करते हुए सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं, इस अवधि में शिन्दे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय का राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा।

पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह बचपन से भले ही कांग्रेसी विचारधारा में पले बढ़े हों लेकिन शहर के विकास के प्रति वे हमेशा सजग रहे। स्वतंत्रता संग्राम सैनानी कक्का डोंगर सिंह के पुत्र राजेन्द्र सिंह सबसे पहले 1969 में नगर निगम में पार्षद के रूप में चुने गए। दो साल बाद 1971 में वे मुरार विधानसभा(अब ग्वालियर ग्रामीण) से विधायक चुने गए। उन्हें लोक निर्माण मंत्री बनाया गया। पार्षद और मंत्री रहने के दौरान उन्होंने शहर में कई विकास कार्य कराए। वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मप्र कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन भी रहे। 

1980 से 1992 तक शहर जिला कांग्रेस में महामंत्री भी रहे। मृदुभाषी, सहजता, व्यवहारशीलता, हंसमुखता व व्यक्तित्व के धनी सिंह आखिरी समय तक कांग्रेस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होकर संगठन की मजबूती का प्रयास करते रहे। हर वर्ग से उनका गहरा लगाव रहा। जयविलास पैलेस यानि महल की राजनीति से उनका लगाव नहीं रहा। शुरुआत में तो उनकी स्वर्गीय माधवराव सिंधिया से दूरिया रहीं लेकिन बाद में पार्टी की गतिविधियों में वे उनके साथ शामिल होने लगे। 

यही कारण है कि उनकी अंतेष्टि में शामिल होने जहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मोहन प्रकाश, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव शामिल हुए तो वहीं बीजेपी की ओर से केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह मुरैना सांसद अनूप मिश्रा सहित कई बीजेपी कांग्रेस व अन्य दलो के राजनेताओ सहित शहर के समाजसेवी,व्यापारी और आम लोग शामिल हुए।उनका अंतिम संस्कार ठाटीपुर स्थित शमशान ग्रह मे किया गया, इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के नेताओ ने राजेन्द्र सिंह के निधन को एक बडी छति बताया।


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