Jan 17, 2026
भोपाल गैस त्रासदी की यादों में नया अध्याय: CM मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड परिसर का किया दौरा
41 साल बाद भी भोपाल गैस कांड की पीड़ा आज भी जिंदा है। दुनिया की सबसे भयानक औद्योगिक त्रासदी, 2-3 दिसंबर 1984 की वो काली रात, जिसमें मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से हजारों लोग मारे गए और लाखों प्रभावित हुए। अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड की भोपाल फैक्ट्री आज भी 85 एकड़ जमीन पर खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इस परिसर का निरीक्षण किया और जमीन के उपयोग, गैस पीड़ितों के पुनर्वास व स्वास्थ्य पर चर्चा की।
जमीन का भविष्य तय करने की कवायद
CM डॉ. यादव ने 85 एकड़ जमीन के बेहतर उपयोग पर अफसरों से मंथन किया। पुलिस विभाग ने डीआरपी लाइन के लिए जमीन मांगी है, जबकि गैस राहत अफसर फाइलें खंगाल रहे हैं। गैस पीड़ित संगठन भी मुलाकात की तैयारी में हैं, जहां महिलाओं की 1000 रुपये मासिक पेंशन और 11 साल से बंद राज्य स्तरीय समिति की बैठक जैसे मुद्दे उठेंगे।
जहरीले कचरे की छाया अभी बाकी
पिछले साल जनवरी में 337 टन जहरीला कचरा पीथमपुर ले जाकर जलाया गया था। लेकिन संगठनों का दावा है कि फैक्ट्री में अभी भी हजारों टन कचरा दफन है, जिससे 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हो रहा है।








