पानी की उपलब्धता के कारण गांव का नाम रखा बोरपानी, आज हो रहे पानी के लिए मोहताज

पानी की उपलब्धता के कारण गांव का नाम रखा बोरपानी, आज हो रहे पानी के लिए मोहताज

रायसेन से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित बोर पानी गाँव स्थित है कभी इस गाँव में पानी की अधिक उपलब्धता होने के कारण इस गाँव का नाम बोर पानी पड़ा था। आज इस गाँव के ग्रामीण पानी के लिये मोहताज है। इस गाँव के ग्रामीणों ने नदी के अंदर 5 फिट का छोटा सा गड्डा खोदा है और इस गड्ढे में पानी आने पर ये लोग बारी बारी से पानी भरते है और जब इस गड्ढे में पानी खत्म हो जाता है तो ये लोग गड्ढे में पानी आने का इंतेजार करते है।

पानी की उपलब्धता के कारण गांव का नाम पड़ा बोरपानी
कभी पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण जिस गांव का नाम बोरपानी रखा गया था आज उस गांव के लोग सुखी नदी में रोज गड्डा खोद कर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है। जी हां रायसेन जिले के ग्रामीण अंचलों में लगातार तेजी से गिरते भूजल स्तर से कई गांवो में जल संकट गहराता जा रहा हैं। शासन प्रसाशन के तमाम दावे भी यहां जल संकट के आगे खोखले साबित हो रहे है। रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील का गॉव बोरपानी इन दिनो भीषण जल संकट से जूझ रहा हे। हालात यह है कि ग्रामीण नदी में रोज कुुंआ खोदकर रोज पानी निकालकर अपनी प्यास बुझा रहे है।

पानी के लिए सिर्फ 3 हेण्डपंप
रायसेन जिला मुख्यालय से करीब 40 किलामीटर दूर गैरतगंज तहसील का गांव बोरपानी आदिवासी बाहुल्य ग्राम है। यहां पानी के लिये तीन हेण्डपम्प है। गर्मी के शुरुआती दौर में ही यह हेण्डपंप बंद हो गये। मजबूरी में ग्रामीण गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक बरसाती नदी में गडढा खोदकर पानी निकाल रहे है। पानी की जददोजहद में यहां ग्रामीण अपनी बारी आने का इन्तजार करते है इस काम में सुबह से ही परिवार के साथ लग जाते है बरसाती नदी के गढ्ढे में जैसे जैसे पानी कम होता है वह और गहरा कर लेते है ग्रामीणों ने हेण्डपम्प ठीक करवाने कई बार पीएचई विभाग को कहा लेकिन हेण्डपम्प ठीक नही हो सके।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
अगर हम सरकारी आंकडो की बात करें तो रायसेन जिले में 10172 हेण्डपंप है। जिसमें सरकारी रिकॉर्ड में 9807 हेडपंप चालू है। जबकि मात्र 312 हेडपंप लगातार गिर रहे जल स्तर के कारण बंद हो गये है। इसके अलावा जिले में 356 नलजल योजनाए हैं जिनमें से 326 चालू हैं मात्र 30 बन्द है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिये एक कार्ययोजना भी बनाई है। जिसमें हेण्डपंपो में जिनका जल स्तर गिर गया है उन हेण्डपंप में पाईप लाईन बढाना भी शामिल है। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने ब्लॉक स्तर पर भी दल गठित किये हे। जैसे ही हेण्डपंप खराब होने की सूचना मिलती है यह दल उसे ठीक करते है।


 


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