Jun 30, 2018
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 तक गरीबों को पक्का घर देने का सपना देखा है पर पीएम आवासों में जिस तरह से भ्रष्टाचार की दीमक लगी हुई है उससे साफ जाहिर है कि प्रधानमंत्री का सपना अधूरा रह जाएगा पीएम आवासों में भ्रष्टाचार की बानगी चित्रकूट में देखने को मिली जहां नगर परिषद के हरिजन बस्ती छतुरिहा तालाब के ग्रामीण पीएम आवास के लिये दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और नगर परिषद के अधिकारियो के चक्कर लगाकर भी थक चुके हैं पर अभी तक उन्हें पीएम आवास की राशि नहीँ मिली है हालात ये हैं कि नगर परिषद के इंजीनियर कमलराज़ के कहने पर ग्रामीणों ने अपने कच्चे मकान भी गिरा दिये जो अब बरसात में खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं।
आपको बता दें कि नगर परिषद चित्रकूट में पीएम आवास के लिये प्रथम सूची में 509 हितग्राहियों को आवास देने की प्रक्रिया पूरी की गयी है तो वहीं इस सूची में रुपयों की दम पर करीब ढाई सौ फर्जी नाम जोड़ दिये गए हैं अब हालात ये हैं कि लेन देन न हो पाने के चलते हितग्राही परेशान हो रहे हैं दरअसल मामला ये हैं कि नगर परिषद में बिना कमीशन कोई काम होते नहीँ हैं उसी तर्ज पर पीएम आवासों में भी पिछले दरवाजे से हितग्राहियो से 20 हजार रुपए की माँग की जा रही है।
हितग्राहियों का कहना हैं कि घूस न देने पर पीएम आवास निर्माण हेतु मिलने वाली पहली किश्त रोक दी गयी हैं हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त आ गयी है लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने खाते से पैसा निकालने पर रोक लगवा दी है जबकि हितग्राहियों ने आवास किश्त की आशा में अपने कच्चे मकान भी गिरा दिये हैं।








