Dec 21, 2016
लखनऊ। आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को सूचित करते हुए लंबे अवकाश पर चले गए. साथ ही उन्होंने गृह मंत्रालय को एक बार फिर पत्र लिख कर अपना कैडर यूपी के बाहर किसी अन्य राज्य में किए जाने की मांग की है. अमिताभ ने मुलयम सिंह धमकी मामले के बाद से उन्हें नौकरी में कई प्रकार से प्रताड़ित किए जाने और कई अत्यंत ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें जान को वास्तविक खतरा होने की बात कहते हुए 16 जून 2016 को केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपने कैडर परिवर्तन हेतु आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से भेजा था.
बिना किसी बात के भी विभागीय जांच
गृह मंत्रालय ने उन्हें बताया था कि उनका आवेदन मंत्रालय में विचाराधीन है. अमिताभ ने कहा है कि इस कैडर में उनके लिए स्थिति लगातार बदतर हो रही है और उनके साथ शत्रुओं की तरह बर्ताव हो रहा है. वरिष्ठ अफसरों द्वारा उनके खिलाफ खोज-खोज कर फर्जी मामले खड़े किए जा रहे हैं और बिना किसी बात के भी विभागीय जांच शुरू कर दी जा रही है. अमिताभ ने कहा कि ऐसा मात्र उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर द्वारा किए गए सामाजिक कार्यो में उनकी सहभागिता के कारण किया जा रहा है और इन स्थितियों में वे यूपी कैडर में बिलकुल काम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने अपना कैडर बदलने अथवा किसी केंद्रीय सेवा में तैनात किए जाने की बात कही है.
हाल में ही उनके खिलाफ मंत्री आजम खान पर टिप्पणी करने सहित दो नए विभागीय जांच शुरू किए गए थे जिसके बाद अब उनके खिलाफ चार विभागीय जांच चल रही हैं.अपने खिलाफ करीब चार विभागीय जांच झेल रहे आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इन जांच में उत्तर प्रदेश सरकार को जवाब देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वह यूपी के अधिकारियों द्वारा की जा रही जांचों में भाग नहीं लेंगे.
अफसरों के सामने अपना पक्ष रखने का कोई फायदा नहीं
अमिताभ ने कहा कि मुलायम सिंह प्रकरण के बाद खोज-खोज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और पूरा प्रशासनिक तंत्र उन्हें किसी भी प्रकार से दंडित करने के प्रयास में लगा है. उन्होंने कहा कि ऐसे में इन अफसरों के सामने अपना पक्ष रखने का कोई अर्थ नहीं रह जाता है. इस कारण अमिताभ ने अपने खिलाफ चल रही चारों विभागीय जांच किसी अन्य राज्य सरकार को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया है. साथ ही उन्होंने अपना कैडर भी परिवर्तित करने की बात कही है. अपने खिलाफ ताबड़तोड़ शुरू की जा रही विभागीय कार्रवाइयों के विरोध में वह केंद्र सरकार को सूचित करते हुए लंबी छुट्टी पर चले गए हैं.








