Dec 25, 2016
मद्य निषेध के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए होर्डिंग्स में एक जाति विशेष पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा पड़ा। विरोध में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को नेशनल हाईवे जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लम्बी कतार लग गईं। दर्जनों की संख्या में विरोध करने वालों की संख्या कुछ ही देर में सैकड़ों में तब्दील हो गई। सूचना मिलने से मौके पर पहुंचे तहसीलदार और टीआई सामाजिक द्वारा समझाइश देने के बाद भी प्रदर्शनकारी समाज कल्याण विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। भीड़ पर काबू पाने पुलिस की टीम द्वारा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर कोतवाली थाना लाया गया। मामला शांत होते दिखाई दे रहा था कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरजीत चावला अधिकरी के खिलाफ कार्रवाई कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठ गए, धीरे-धीरे सभी दलों के प्रमुख नेताओं की भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने सामाजिकजनों की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग (अज्ञात) के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया और विवेचना में जांच करने का आश्वासन दिया तब जाकर माहौल शांत हुआ। पुलिस का कहना था कि विवेचना कर जल्द ही जिम्मेदारों को पंजीबद्ध किया जाएगा। फिर सभी सामाजिकजनों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर चार दिन के अंदर जिम्मेदारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
थाने के सामने होर्डिंग्स, फिर भी नहीं पड़ी नजर
आखिर नगर पालिका कार्यालय के पास पेड़ पर कुछ माह पूर्व होर्डिंग्स टांगी गई थी, जिसके ठीक सामने थाना कोतवाली है। जिस पर पुलिस की नजर नहीं पड़ी। जबकि हर दिन इस मुख्य मार्ग से वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन गुजरते हैं। वहीं चंद कदम की दूरी पर तहसील व एसडीएम कार्यालय भी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए होर्डिंग्स पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जिले के सभी इलाकों के लोगों में आक्रोश का माहौल है। अशोभनीय टिप्पणी को लेकर जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन किया गया। महसमुंद एसडीओपी एम मोटवानी ने बताया कि अभी जांच का एक केंद्र बिंदु मानकर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर किया गया है। समाज कल्याण विभाग महासमुंद के डिप्टी डायरेक्टर रामजी सिन्हा का मोबाइल विरोध-प्रदर्शन के बाद से बंद है। इनका बयान लेने पर ही जांच कार्रवाई आगे बढ़ेगी। मौके पर दफ्तर बंद होने की वजह से कोई कर्मचारी नहीं आया। महासमुंद एसडीएम पीपी शर्मा ने बताया कि होर्डिंग्स पर समाज विशेष को किया गया लेखन कार्य के लिए जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के बाद ही अगर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी दोषी पाए जाएंगे तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे लगाई गईं होर्डिंग्स को उतरवा लिया गया है, और पता किया जा रहा है कितने स्थानों पर लगाई गई है। महासमुंद कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है, शासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग को आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगवाने के लिए नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। शहर में लगाई गई सभी होर्डिंग्स को हटवा दिया गया है।








