Jan 2, 2018
**रायपुर।** नक्सल ऑपेरशन से जुड़े अधिकारियों ने आज रायपुर के पुराने पी एच् क्यु में बीते साल 2017 में हुए कार्य का लेखा जोखा प्रस्तुत्त किया, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार राज्य में 1017 में नक्सली क्षेत्र में कार्य किया है।
2017 में 79 नक्सली इनामी थे, इन पर कुल 1 करोड़ 41 लाख का रिवॉर्ड था। वहीं 2017 में हुई मुठभेड़ों के बाद 76 में से 51 ऐसे नक्सली थे, जो इनामी थे। यह जानकारी डीजी डीएम अवस्थी ने दी उन्होंने बताया कि कुल 1458 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए,जिसमे गिरफ्तार और सरेंडर नक्सली शामिल हैं। इन पर कुल 4 करोड़ का रिवार्ड था। वहीं 1280 किलो की IED 263 स्थानों से बरामद की गई। 100 हेंड ग्रेनेड और 2319 डेटोनेटर भी बरामद किया गया है।
डीजी अवस्थी ने बताया कि वर्ष 2017 के दौरान ऑपरेशन प्रहार द्वारा तोड़ामरका जैसे बीहड़ अंचलों में घुसकर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कई नई जगहों पर फोर्स पहुंची जिनमें गोलाराम और भोपालपटनम, नगरकोलम, जैसी कई जगहें शामिल हैं।
**700 किलोमीटर की रोड बनाने में सफलता**
इसी तरह फोर्स को 2 साल में 700 किलोमीटर की रोड बनाने में सफलता मिली है। कुल 1300 किलोमीटर का रोड बनना है। इंजरम और डरना पाल में भी सड़कें बनी। साथ ही 75 नए थाने भी बने हैं। बीते साल 2017 में कुल 300 से अधिक नक्सली मारे गए, 2 सालों में 1476 ऑपरेशन चले, 1994 नक्सली गिरफ्तार, 102 जवान शहीद, माओवादियों ने इस दौरान 43 हथियार लूटे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि जन्मीलिशया के पास भारी संख्या में हथियार हैं।
इस दौरान मौजूद प्रमुख गृह सचिव वीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि 2022 तक नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की ओर अग्रसर हैं, नक्सली सिमट गए हैं। बीजापुर और सुकमा में नक्सलियो से असली लड़ाई चल रही है। 2 सालों के ऑपरेशन में नक्सलियों के बड़े कैडर को आगे आकर लड़ने मजबूर होना पड़ा है।
**70 से 75 हज़ार जवान लड़ रहे नक्सलियों से...**
केंद्र और राज्य सरकार के 70 से 75 हज़ार जवान नक्सलियों से लड़ रहे हैं। 4 नई बटालियन में 5 हज़ार जवान मार्च तक तैनात किए जाएंगे। सुब्रमण्यम ने कहा कि जवान न सिर्फ नक्सलियो से लड़ते हैं। बल्कि मच्छरों और मलेरिया से भी लड़ रहे हैं। हमारे पास कोई केंद्रीय बल नही था। 2005 से नक्सलियों का खात्मा शुरू हुआ। बस्तर में 60 से 65 फीसदी नक्सली का सफाया हो गया है। नक्सलियों का टॉप लीडरशिप कमजोर हुआ है। बीजापुर में एक एकड़ जमीन 1 करोड़ की हो गई है, होटल खुल रहे हैं नक्सली खत्म हो रहे यही वजह है वहां लोग निवेश कर रहे हैं।
वहीं बताया गया है कि सरकार ने अब तक कुल 16 जिलों को नक्सल प्रभावित जिला माना है, एक जिला कवर्धा है, जिसे जोड़ने की मांग की गई है, साथ ही 2022 तक नक्सलवाद को पूरी तरह ख़त्म करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं, और बहुत जल्द ही नक्सली सिमट जाएंगे ।