अचानकमार टाइगर रिजर्व के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित, दर-दर भटकने को मजबूर हुए ग्रामीण

अचानकमार टाइगर रिजर्व के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित, दर-दर भटकने को मजबूर हुए ग्रामीण

संदीप सिंह ठाकुर : छत्तीसगढ़ की पहचान अचानकमार टाइगर रिजर्व के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नही मिल पा रही है। अचानकमार टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले कटामी और अतरिया वनग्रामों के बीच मनियारी नदी प्रवाहित हो रही है। यहां आलम यह है कि बरसात के दिनों पर नदी में बाढ़ आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रहती है। लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित रहता है। इससे ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वोट मांगते वक्त झूठा वादा
ग्रामीणों का आरोप है की चुनाव के पहले जनप्रतिनिधियों द्वारा वोट मांगते वक्त झूठा वादा किया जाता है। वहीं जब जनप्रतिनिधि विधायक और सांसद के रूप में नियुक्त हो जाते हैं तब दोबारा वहां उनका दर्शन तक नही होता। इस दौरान ग्रामीणों ने यब भी कहा कि उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है न तो जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए मनियारी नदी के उपर पुलिया बनवाया गया है। गांव में बिजली और अच्छी सड़क तक नही है। 

बैगा आदिवासियों को राष्ट्रपति दत्तकपुत्र का दर्जा
कहने को तो सरकार द्वारा बैगा आदिवासियों को राष्ट्रपति दत्तकपुत्र का दर्जा दिया गया है लेकिन वे आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं के चलते दर दर भटकने को मजबूर हैं। वहीं इस पूरे मामले में मुंगेली के कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे से बात की गई तो उन्होंने एटीआर क्षेत्र होने के कारण स्वीकृति मिलने के बाद भी वन विभाग से निर्माण कराने आवश्यक अनुमति मिलने पर ही पुलिया निर्माण कराने की बात कही।


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