भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद इस फौजी ने कराई गांव के युवाओं को ​सेना भर्ती की तैयारी

भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद इस फौजी ने कराई गांव के युवाओं को ​सेना भर्ती की तैयारी

संदीप सिंह ठाकुर : भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद गांव लौटे संतोष साहू अब बाकी युवाओं को देशभक्ति और देश की सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं, इतना ही नहीं गांव के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए नि:शुल्क परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मुंगेली जिले के लोरमी का छोटा सा एक गांव डिंडोल, जिसे फौजियों के गांव के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि इस गांव के बहुत से युवा सेना में शामिल हैं और देश की सीमाओं पर अपनी सेवा दे रहे हैं।

वहीं गांव की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्रवासियों को गर्व है इतना ही नहीं गांव और आसपास के बहुत से युवक सेना में जाने के लिए आगे आ रहे हैं, यही वजह है कि भारतीय सेना में 17 साल सेवा देकर लौटे डिंडोल गांव के संतोष साहू को लोग फौजी भाई के नाम से जानते हैंं।
बता दें कि भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद गांव लौटे संतोष साहू अब बाकी युवाओं को देशभक्ति और देश की सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। भूतपूर्व फौजी संतोष साहू अपने साथी सोन सिंह के साथ मिलकर गांव के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं। साथ ही इसके लिए उन्होंने युवाओं को निशुल्क ट्रेनिंग देने का भी बीड़ा उठाया है और तो और सेना में भर्ती होने के लिए गांव में नि:शुल्क ट्रेनिंग शिविर लगाना भी शुरू कर दिया है।
 
बेरोजगार युवाओं में देशभक्ति के जज्बे के साथ देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना भर रहे भूतपूर्व सैनिक संतोष साहू सुबह शाम पूरे इलाके से करीब 100 से ज्यादा युवकों को नि:शुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। अब तक इस शिविर में 10 से ज्यादा युवाओं का सिलेक्शन आर्मी के लिए हो चुका है। प्रशिक्षक संतोष साहू ने बताया कि गांव के ये बच्चे अक्सर जानकारी के अभाव में चयन प्रक्रिया से चूक जाते थे, ऐसे में अब सेना भर्ती के लिए आवश्यक मापदंडों के अनुरूप युवाओं को अभ्यास कराए जा रहे हैं ये ट्रेनिंग पूरी तरह नि:शुल्क दी जा रही है।


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