Loading...
अभी-अभी:

कसडोलः प्रेम विवाह करने पर दंपत्ति का कर दिया गया सामाजिक बहिष्कार, उसके बाद भी की गई मारपीट

image

Oct 30, 2019

केशव साहू - चार साल पहले अंतरजातीय विवाह करने वाले अशोक और उनकी पत्नी विजया को सामाजिक बहिष्कार के बाद भी दबंगों की खानी पड़ रही हैं मार। कारण कुछ और नहीं समाज ने किया था एक लाख बीस हजार से दंडित। मामला कसडोल थाने के ग्राम चरौदा का है, जिसकी रिपोट कसडोल थाने में लिखाई गई है। बताया जाता है कि अशोक यादव जो मूलतः मस्तूरी थाना के ग्राम परसोढि का रहने वाला है। जिसे गांव की ही लड़की से प्रेम हो गया और आपसी रजामंदी से लड़की लड़के ने शादी कर ली, लेकिन शादी के बाद से ही समाज के  जिम्मेदारों द्वारा समाज से अलग रहने फरमान सुना दिया गया।

मुखिया ने समाज में मिलने के लिए मांगे थे एक लाख बीस हजार रूपये

कारण कुछ और नहीं बल्कि समाज के मुखिया ने समाज में मिलने के लिए मांगे थे एक लाख बीस हजार रूपये। आर्थिक स्थित ठीक नहीं होने के चलते समाज द्वारा दिए सजा को कबूल कर अशोक अपनी पत्नी विजया के साथ रहने ग्राम चरौदा आ गया और अपनी जीवन यापन करने लगा। पीड़ित समाज और परिवार से अलग रहने के बाद समाज के अत्याचार से मुक्ति नहीं मिल सकी। कल नारद यादव अपने कुछ साथियों के साथ अपनी दबंगाई दिखाते पीड़ित से मारपीट करने लगा। पीड़ित के साथ उनकी पत्नी विजया न्याय की गुहार लगाने कसडोल थाने में अर्जी देने पहुँचे। जिस पर थाना प्रभारी डी. बी उइके ने जल्द कार्यवाही की बात कही है। वहीं गांव के प्रत्यक्षदर्शी जितेंद्र ने भी कहा है कि पीड़ित अपने घर में खाना खा रहा था, दबंगों ने घर से बाहर बुलाकर पीड़ित के साथ मारपीट करने लगे। बीच-बचाओ करने पर उन्हें भी धमकाते हुए कहा गया कि ये मामला उनका नहीं है इसलिए बीच में न पड़े।

अशोक और उनकी पत्नी ने कानून से लगाई मदद की गुहार

देश को आजाद हुए 72 साल हो चुके हैं और आज भी ग्रामीण अंचल में जातिवाद हावी है। लोग अपनी पसंद से शादी नहीं कर सकते और करना चाहेगे तो समाज को सजा के रूप में मोटी रकम चुकानी पड़ती है। आखिर ये कैसी सजा है समाज को पैसा नहीं दे पाने की स्थिति में समाज उन्हें बहिष्कृत करता है। अशोक ने बताया कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं कि वो इतना पैसा दे सकें। अशोक और उनकी पत्नी ने कानून की मदद की गुहार लगाई है। अब ये देखना होगा कि आखिर कब तक पीड़ित दम्पत्ति को न्याय मिल पायेगा।