चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद बाज नहीं आ रहे नेता, जमकर बांटी जा रही शराब, कबाब और साड़ियाँ

चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद बाज नहीं आ रहे नेता, जमकर बांटी जा रही शराब, कबाब और साड़ियाँ

रामेश्वर मरकाम - चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद मतदाताओं को शराब, कबाब और साड़ियों से लुभाने से नेता बाज नहीं आ रहे हालांकि चुनाव आयोग स्वच्छ मतदान कराने के लिये कई तरह के नियम कायदे लागू करते है लेकिन चुनाव आयोग के इन नियमों की धमतरी मे जमकर धज्जियाँ उडाई गई चुनाव के दौरान जिले मे जमकर शराब मतदाताओ को परोसी गई जिसकी खबर निर्वाचन आयोग को कानोकान नही हुई।

जिले में मतदान के दिन और पहले अलग अलग जगहों से अवैध शराब जब्त की गई जिसमे कलारतराई गांव में 5 पेटी, अरौद में 10 पेटी और बिरेझर में 192 पव्वा देसी शराब शामिल है। बता दें की तीनो ही जब्ती किसी न किसी भाजपा नेता के घर या बाड़ी से मिली थी इस बात में किसी को कोई शक नही की ये शराब चुनावी थी और मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल होनी थी और ये भी साफ है कि इन चुनावों में जम कर शराब का इस्तेमाल हुआ है।

लेकिन तीनो ही मामलों में अज्ञात के खिलाफ अपराध कायम किया गया अब भाजपा के विपक्षी दल पुलिस और प्रशाशन पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगा रहे है तो वही भाजपा इसे अपने खिलाफ विरोधियों की साजिश बता रही है इधर प्रशासन अभी भी जांच जारी रहने का हवाला दे रही है हालांकि अब चुनाव खत्म हो चुका है लेकिन इसके बाद भी चुनावी शराब मुद्दा बना हुआ है।


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