Aug 9, 2018
पुरूषोत्तम पात्रा : गरियाबंद के 25 बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने स्कूल पहुंच रहे है, बच्चों की जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने का येे सिलसिला पिछले दो साल से जारी है, बावजूद इसके किसी ने इस पर कोई ध्यान नही दिया, मामला देवभोग विकासखंड के कदलीमुडा पंचायत के आश्रित गॉव नवगुरिया पारा का है, नवगुरिया पारा में स्कूल नही होने के कारण यहां के बच्चोंको पढने के लिए कदलीमुडा जाना पड़ता है, जिस रास्ते से बच्चे स्कूल आना जाना करते है।
बरसात के दिनों में उस रास्ते पर कीचड हो जाने के कारण बच्चों को नहर कैनाल के किनारे बनी संकरी पगडंडी के सहारे स्कूल जाना पडता है, इस दौरान बच्चों को सांप बिच्छू का डर तो रहता ही है, कई बार पैर फिसलने के कारण बच्चे कैनाल में भी गिर चुके है, मगर कोई दूसरा विकल्प नही होने के कारण बच्चों को बरसात के दिनों में इसी पगडंडी के सहारे ही स्कूल जाना पडता है, शिक्षा विभाग जनपद की जिम्मेदारी से पल्ला झाड रहा है और जनपद के जिम्मेदार अधिकारी अपनी कानूनी प्रक्रिया बताकर हाथ खडे कर रहे है, खामियाजा नौनिहालों को बुगतना पड रहा है।








