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बिलासपुर से गरुड़ गणेश की दुर्लभ मूर्ति चोरी: पुजारी को दिखाया कट्टे का जोर, घटना में 5-6 लोग शामिल

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Aug 28, 2022

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऐतिहासिक और विरल गरुड़ गणेश की ग्रेनाइट की मूर्ति को चोरों ने अपना निशाना बनाया। गुरुवार देर रात मंदिर के पुजारी को डरा धमका कर चोर मूर्ति चुराकर भाग निकले। मूर्ति भारी होने के कारण चोर उसे उखाड़ नहीं पाए तो वो उसे तोड़कर ले गए। इस घटना में करीब 5-6 लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना से गांव वासियों में आक्रोश फैल गया है। बता दें कि ये पहली बार नहीं हुआ है कि यं दुर्लभ मूर्ति चोरी हुई हो। इससे पहले भी दो बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।   

क्या है पूरा मामला?

घटना बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम इटवा पाली की है। यहां 10वीं और 11वीं सदी की प्राचीन, 65 किलो की गरुड़ गणेश की ग्रेनाइट की मूर्ति है। मंदिर की देखरेख करने वाला सेवक महेश केवट गुरुवार की रात मंदिर में ही सो रहा था, तभी कुछ बदमाश मंदिर परिसर में पहुंच गए और महेश की कनपटी पर बंदूक रख उसके हाथ-पैर को बांध दिए। बदमाशों ने उसके मुंह पर टेप चिपका दिया। इसके बाद चाबी मांगी और नहीं देने पर पुजारी की पिटाई की। किसी तरह से चाभी हासिल कर चोरों ने मूर्ति को औजार के सहारे निकालने की कोशिश की। वजनी होने के कारण चोर मूर्ति उखाड़ने में नाकामयाब हुए तो वे उसे तोड़कर ले गए। 

लोगों में आक्रोश

ग्रामीण जब सुबह दर्शन पूजन करने मंदिर पहुंचे तो पुजारी बंधा मिली और गर्भगृह से मूर्ति गायब मिली। भारी संख्या में लोग मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। इलाके के लोगों में काफी आक्रोश फैल गया। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर डॉग स्क्वॉड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट टीम को भी बुलाया। चारों टीमों ने मिलकर जांच शुरु की। पुलिस ने कहा कि 65 किलो वजनी मूर्ति को किसी एक शख्स के द्वारा चोरी किया जाना संभव नहीं है। घटना को लगभग 6-7 लोगों ने अंजाम दिया है। 

पहले भी हो चुकी ऐसी घटना

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि ये पहली बार नहीं है जब ऐसी कोई घटना हुई हो। इसे पहले भी भांवर गणेश की मूर्ति 2004 एवं 2007 में दो बार चोरी हो चुकी है। एक बार 2004 में पुलिस ने बिलासपुर स्थित सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से 4 लोगों को पकड़ा था जिनके कब्जे से मूर्ति को बरामद किया था। दूसरी बार 2007 मे मूर्ति चोरी हो गई थी लेकिन कुछ दिन चोरों ने उसे खुद ही स्थापित कर दिया था। बता दें कि अंतरराष्टीय बाजार में मूर्ति की कीमत 15 से 20 करोड़ बताई जा रही है।