अर्थव्यवस्था नोटबंदी झेल गई लेकिन जीएसटी नहीं झेल पाई: गांधी

अर्थव्यवस्था नोटबंदी झेल गई लेकिन जीएसटी नहीं झेल पाई: गांधी

कर्नाटक में आजकल राजनीतिक रोटियां काफी सिक रही है और आपको बता दें ​कि चुनावों से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चार दिवसीय कर्नाटक दौरे पर गए हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कर्नाटक दौरे में आज का दिन भी मंदिर और मस्जिद के दर्शनों के साथ शुरू हुआ। इसके बाद एक जन सभा हुई जिसमें राहुल ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आडे हाथों ले लिया। राहुल ने संघ प्रमुख के उपर बयानबाजी करते हुए कहा कि मोहन भागवत जी का बयान आपने सुना ही होगा। उन्होंने देश के जवानों के बलिदान का अपमान किया है। उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ भाजपा पर नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने को लेकर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि इनके जरिये देश की अर्थव्यवस्था पर दो प्रहार किए गए हैं। पार्टी ने नोटबंदी की घोषणा का एक साल पूरा होने पर आगामी 8 नवंबर को भुगत रहा है देश शीर्षक के तहत अन्य विपक्षी दलों के साथ देश भर में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय किया है। राहुल ने कहा कि जीएसटी एक अच्छा विचार था, लेकिन इसे ठीक से लागू नहीं किया गया। इस कारण लोगों को खासी परेशानियां हो रही हैं।

राहुल ने कहा कि कन्वेंशन हॉल में आज इस कार्यक्रम में मैं आपसे कहना चाहता हुं कि नोटबंदी का आइडिया न तो आरबीआई ने लिया, न तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने, न ही वित्त मंत्रालय के किसी अधिकारी ने। यह आरएसएस के एक पदाधिकारी ने लिया। आरएसएस ने प्रधानमंत्री के दिमाग में यह आइडिया डाला और पीएम ने इस पर काम किया।

बैठक के बाद राहुल ने संवाददाताओं से कहा कि इन दोनों मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी देश का मन नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर हैरत जताई कि सरकार 8 नवंबर को नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर जश्न क्यों मना रही है। अर्थव्यवस्था नोटबंदी के प्रहार को तो झेल गई, लेकिन वह जीएसटी को बर्दाश्त नहीं कर पाई। वहीं सुरजेवाला के अनुसार बैठक में कहा गया कि नोटबंदी सदी का सबसे बड़ा घोटाला है तथा इसके कारण लोगों का रोजगार, व्यापार या व्यवसाय छिना है।
 


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