1500 से ज्यादा रेलवे कर्मचारी केंद्र सरकार के खिलाफ कर रहे जमकर विरोध प्रदर्शन

1500 से ज्यादा रेलवे कर्मचारी केंद्र सरकार के खिलाफ कर रहे जमकर विरोध प्रदर्शन

उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (यूआरएमयू) की तरफ से नेशनल फेडरेशन इंडियन रेलवे मेन्स के आह्वान और नेशनल एक्शन कमेटी आॅफ केंद्रीय कर्मचारियों ने बैनर तले जहां आज पूरे भारत में रेलवे कर्मचारी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। तो इसी क्रम में लखनऊ रेलवे स्टेशन के पीछे लोगों कार्यालय पर लगभग 15 सौ से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।

उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के बैनर तले जहां आज पूरे भारत में रेलवे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि सातवां वेतन आयोग में जो खामियां है उसे खत्म किया जाए और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए साथ ही उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा खत्म की जाए जिससे कर्मचारियों के साथ होने वाले शोषण को बचाया जा सके।

उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन की शाखा मंत्री शांति सिंह के मुताबिक
उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन की शाखा मंत्री शांति सिंह ने कहा कि 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में रेलवे एवं केंद्रीय कामगारों के साथ घोर अन्याय किया गया है, जिसके कारण रेल कामगारों में भारी रोष है। वेतन आयोग ने रेल कामगारों की कार्यशैली को पूरी तरह नजरअंदाज किया है, जबकि रेलवे भारत सरकार की दूसरी डिफेंस फोर्स है। रेलवे कामगार 24 घंटे गाड़ी चलाता है तथा रेलवे विभाग आपात स्थिति के समय हमेशा आगे रहती है।

यूआरएमयू के महामंत्री बीसी शर्मा के बयान के मुताबिक
इस मौके पर कामगारों को संबोधित करते हुए यूआरएमयू के महामंत्री बीसी शर्मा ने कहा कि 7वें वेतन आयोग में जो खामियां हैं। सरकार उन्‍हें तुरंत दूर करे, जैसा की जेसीएम द्वारा भारत सरकार को ज्ञापन भेजा जा चुका है। अगर 7वें वेतन आयोग की खामियों को दूर नहीं किया गया तो आगे विचार करके एक बड़ा आंदोलन होगा जिसमें देश के सभी रेलवे कर्मचारी आंदोलित होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे जिसका खामियाजा केंद्र सरकार को उठाना होगा।


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