धर्मनगरी में हो रहीं हत्या की वारदातें, प्रशासन नहीं लगा पा रहा अंकुश

धर्मनगरी में हो रहीं हत्या की वारदातें, प्रशासन नहीं लगा पा रहा अंकुश

सतना।करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र चित्रकूट तीर्थ, शासन-प्रशासन की लापरवाही का शिकार होकर रह गया है। असुरक्षित बनते चित्रकूट में आए दिनों आपराधिक गतिविधियां हो रही हैं। तीर्थ क्षेत्र में हत्या जैसी घटनाएँ बढ़ रही हैं, किंतु पुलिस ऐसी घटनाओं पर न तो लगाम लगा पा रही और न ही चित्रकूट को सुरक्षित रख पाने के ठोस प्रबंध किये जा रहे हैं।

हाल ही की घटना नयागाँव थाना क्षेत्र के कामदगिरि परिक्रमा पथ में नरसिंह मंदिर के पास की है, जहाँ करीब 19 साल की एक अज्ञात किशोरी की लाश बरामद हुई है, मृतिका के मुँह में कपडा भरा हुआ होने व पुलिया में वाटर सप्लाई के पाइप से पैर फँसाकर उल्टा लटकाने को देखकर प्रथम दृष्ट्या हत्या की आशंका जतायी जा रही है।

पुलिस ने लाश बरामद कर ली है, पीएम कार्यवाही भी की जा रही है, तथा पुलिस आरोपियों की तलाश में भी जुट गयी है, लेकिन धर्मनगरी चित्रकूट में आए दिनों घट रही हत्या जैसी वारदातों ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है !

1 माह पहले भी हुई थी हत्या...

ज्ञात हो कि ठीक 1 माह पहले भी इसी जगह से मात्र 100 मीटर की दूरी पर शनि मंदिर के पास एक युवक की गला काटकर हत्या की गयी थी, लेकिन पुलिस आज तक उस हत्या के बारे में कोई सुराग तक नहीँ लगा पायी। जबकि 1 साल पहले भी यहीं पर एक अज्ञात युवक की डेड्बाडी मिली थी।

श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है..फिर भी नहीं सुरक्षा के इंतजाम

आपको बता दें कि चित्रकूट में मंदाकिनी और कामदगिरि परिक्रमा श्रद्धालुओं की प्रमुख आस्था के केन्द्र हैं और सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ भी यहीं होती है, किंतु न तो मंदाकिनी के प्रमुख घाटों में सीसीटीवी कैमरे लगे और न ही परिक्रमा पथ पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की ज़रूरत समझी जा रही, यहाँ तक कि आए दिनॊ यहाँ की बिजली तक पूरी रात गुल करके रखी जाती है, और अपराधी अँधेरे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देकर चले जाते हैं, लेकिन यदि प्रशासनिक अधिकारी इसी तरह लापरवाह बने रहे तो निकट भविष्य में कोई बड़ी वारदात हो सकती है।

जिस स्थान पर इस तरह की घटनाएँ घटित हो रही हैं, उसके ठीक 300 मीटर आगे तुलसी चबूतरा के पास एक आश्रम से विगत 7-8 साल पहले मालेगांव ब्लास्ट का एक आरोपी धन सिंह 6 माह तक ठहरा रहा था, और वहीं से एटीएस ने उसे गिरफ्तार भी किया था, इसके बाद भी पुलिस एलर्ट नहीं हो पायी। और ये इलाका अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है । इसी एकांत स्थान के आसपास हत्या जैसी वारदात को अंजाम देकर अपराधी आसानी से चले जाते हैं, और पुलिस जाँच का राग अलाप कर फ़िर भूल जाती है। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं है कि यदि चित्रकूट के प्रमुख दर्शनीय स्थलों को कड़ी सुरक्षा में नहीं लिया गया तो आने वाले समय में अपराधी इससे भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।


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