सौर ऊर्जा से जगमगाने वाला पहला कलेक्ट्रेट ऑफिस

सौर ऊर्जा से जगमगाने वाला पहला कलेक्ट्रेट ऑफिस

बालाघाट। जिले का कलेक्ट्रेट सौर ऊर्जा से जगमगाने वाला प्रदेश का पहला सरकारी आॅफिस बन गया है। पिछले दिनों बालाघाट कलेक्ट्रेट में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कर उसे विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया गया। इससे कलेक्ट्रेट में नियमित रूप से बिजली मिल रही व बिजली बिल का खर्च भी बहुत कम हो गया। जानकारी के अनुसार बालाघाट के नवीन कलेक्ट्रेट भवन में इस समय 19 विविध विभागों के कार्यालय एक साथ संचालित हो रहे हैं। इन सभी को सौर ऊर्जा संयंत्र से जोड़ दिया गया।
जिससे सभी विभागों पर बिजली बिल का लोड बहुत कम हो गया है. वर्तमान में पूरे कलेक्ट्रेट का बिजली का खर्च लगभग 70 से 75 हजार रुपए प्रतिमाह आता था. सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के बाद यह खर्च 80 से 90 प्रतिशत तक कम हो जाएगा. कलेक्ट्रेट में बिजली गुल होने पर काम प्रभावित होने की समस्या भी नहीं रहेगी। समस्त विद्युत उपकरण जैसे बल्ब, कूलर, पंखा, एसी, कम्प्यूटर सहित सभी उपकरण एकसाथ इसी सौर ऊर्जा से चल रहे हैं।

मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा नीति के अनुसार प्रदेश में 300 से भी अधिक सूर्य प्रकाश दिवस होते हैं. प्रति दिवस प्रति वर्ग मीटर औसत 5.5 किलोवाट प्रति घंटे की दर से सौर विकिरण प्राप्त होता है। ऐसे में राज्य में ग्रिड संयोजित सौर परियोजनाओं की स्थापना पर जोर दिया गया है. इसी के तहत कलेक्ट्रट सेे इसकी शुरुआत की गई। कलेक्ट्रेट बिल्डिंग की छत पर सौर संयंत्र पैनल लगाए गए हैं और वहां से सभी कार्यालयों को सौर ऊर्जा प्रदाय करने की लाईन से जोड़ दिया गया है।


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