Dec 24, 2016
भोपाल। नोटबंदी के बाद मध्यप्रदेश में आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। यहां कटनी शहर में एक्सिस बैंक में आयकर विभाग की चल रही जांच में शुक्रवार को बड़ा खुलासा हुआ। विभाग की टीम ने कुछ माह पहले सतना-जबलपुर क्षेत्र में दो नंबर में हो रहे कैश ट्रांसफर का रैकेट पकड़ा था। विभाग का कहना है कि रैकेट के तार एक्सिस बैंक से जुड़े हुए थे। उसके बाद एक्सिस बैंक में विभाग ने सर्वे की कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि इसमें ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर यहां तक की भोपाल के व्यापारियों के खाते भी बैंक में होना सामने आया जिनकी संख्या 300 से अधिक है। विभाग को अनुमान है कि इसमें कुछ बोगस खाते भी हो सकते हैं। कुछ लोगों ने कमीशन पर रुपए का लेन-देन किया होगा। इस तरह से इस रैकेट में करीब 500 करोड़ रुपए इधर से उधर हुए हैं। इसमें बैंक की संलिप्तता से भी विभाग ने इनकार नहीं किया है। आयकर विभाग के प्रधान आयकर निदेशक (इन्वेस्टीगेशन) आरके पालीवाल ने एक पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।
80 करोड़ रुपए का कालाधन सरेंडर
पालीवाल ने बताया कि नोटबंदी के बाद से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब 80 करोड़ रुपए का कालाधन सरेंडर हुआ है, जो संभवत: अब तक का रिकॉर्ड है। इस राशि के उजागर होने के साथ आयकर विभाग को उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में (31 दिसंबर तक) यह राशि बढ़कर 100 करोड़ रुपए हो सकती है, क्योंकि कई स्थानों पर अभी विभाग की सर्च-सर्वे की कार्रवाई चल रही है। नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग नेे 49 प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं 11 समूहों पर सर्च की कार्रवाई सहित 84 प्रतिष्ठानों को जांच में लिया है। इनमें से 8 मामले प्रवर्तन निदेशालय को रेफर किए हैं। जिसमें भोपाल और इंदौर के बिल्डर्स, ज्वैलर्स और टीवी कलाकार से नकदी मिलने के मामले शामिल है। इधर भोपाल में सुशील वासवानी के यहां चौथे दिन भी जांच का काम चल रहा है। यहां सोने के जेवरात, सॉलिड गोल्ड के अलावा लॉकर में भारी मात्रा में नकदी और दस्तावेज जब्त हो रहे हैं।
सर्च में 1.78 करोड़ रुपए सीज
नोटबंदी के बाद से अब तक मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के 11 समूहों पर आयकर विभाग ने छापे की कार्रवाई की। इनसे 1 करोड़ 78 लाख रुपए नकद सीज किए गए। 51 लाख रुपए की ज्वेलरी को सीज किया गया।
52 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकारी
नोटबंदी के बाद से 49 मामलों में सर्वे की कार्रवाई की गई। जिन ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई हुई, उनके कर्ताधर्ताओं ने 52 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकार कर ली। इनमें 24 ज्वैलर्स, 9 डेवलपर्स एवं 16 अन्य जिनमें कैटरर्स, हॉस्पिटल, किराना कारोबारी शामिल है। राशि स्वीकार करने वालों में भोपाल के 8 कारोबारी भी शामिल है।
9 करोड़ अन्य स्रोतों से सामने आए
नोटबंदी के बाद से पुरानी एवं नई करेंसी की खेप भी पकड़ में आई। इसमें पुलिस, आईबी, एसटीएफ के माध्यम से 24 लोगों से 9 करोड़ 39 लाख रुपए आयकर विभाग ने सीज किए। इसमें 43 लाख रुपए टीवी कलाकार राहुल चेलानी से जब्त हुए रुपए भी शामिल है।
43 लाख नई करेंसी रायपुर में मिली
नोटबंदी के बाद से रायपुर में एक दिन पहले एक ऐसे व्यक्ति से 43 लाख रुपए की नई करेंसी मिली है, जिसने कभी इनकम टैक्स नहीं भरा। अनिल मोटवानी नामक व्यक्ति का रिकॉर्ड देखने पर विभाग को पता चला कि पिछले पांच-छह साल पहले जिस व्यक्ति का मामूली टर्नओवर था उसका टर्नओवर इस समय बढ़कर 10 करोड़ रुपए से ऊपर हो गया है। विभाग को मोटवानी के ठिकानों से भारी मात्रा में दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच शुरू हो गई है।
9 महीनों में 15 ग्रुप पर छापा
नोटबंदी के पहले यानी अप्रैल- नवंबर माह के बीच आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन टीम ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में 15 ग्रुपों पर सर्च की कार्रवाई की। इसमें 7.9 करोड़ कैश सीजर किया गया तथा 229 करोड़ की अघोषित आय उजागर हुई।








