डिंडोरीः अंधविश्वास के चलते महिला को डायन बताकर गांव, समाज से किया बहिष्कृत

डिंडोरीः अंधविश्वास के चलते महिला को डायन बताकर गांव, समाज से किया बहिष्कृत

शिवराम बर्मन- डिंडोरी जिले ग्राम पंचायत पौड़ी के नयेगांव में समाज के ठेकेदारों ने एक परिवार को समाज से बहिस्कृत किया। पीड़ित परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट, अंधविश्वास के चलते महिला को सोधन डायन बता कर किया समाज से बहिस्कृत। डिण्डोरी कोतवाली थाने के ग्राम पंचायत पौढ़ी के नयेगांव में एक परिवार को समाज से इसलिए बहिष्कृत कर दिया गया कि उक्त परिवार के छोटे भाई की मासूम बेटी की कुँए में डूब जाने से मौत हो गई थी, लेकिन छोटे भाई इस बात को मानने तैयार नहीं। उसने अपने बड़े भाई की पत्नी के ऊपर आरोप लगाया कि बड़े भाई की पत्नी सोधन है, डायन है जिसने बच्ची का खून पीकर बच्ची को कुँए में फेंक कर मार डाला। समाज से बहिस्कृत पीड़िता ने इसकी लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई।

गांव में पीड़ित परिवार को किसी प्रकार का काम नहीं दिया जा रहा

वहीं पीड़ित बड़े भाई व उसकी पत्नी को समाज के द्वारा बहिस्कृत कर देने से उनको गांव में किसी भी समारोह में नहीं बुलाया जा रहा। साथ ही उनके बच्चों के साथ खेलने के लिए गांव के दूसरे बच्चों को मना कर दिया गया है। पीड़ित की पत्नी जो मध्यान भोजन समूह में खाना बनाने का कार्य करती थी जिसे वहाँ से समाज व गांव के लोगों ने अलग कर दिया। गांव में पीड़ित परिवार को किसी प्रकार का काम नहीं दिया जा रहा, जिससे पीड़ित परिवार परेशान है। आज के इस युग में आदिवासी अंचलों में समाज से बहिष्कृत करने की प्रथा खत्म नहीं हो रही है। जिससे कई परिवार इस तरह का दंश झेलने को मजबूर हैं।

पीड़ित परिवार लगा रहा न्याय की गुहार

आपको बता दे कि पीड़ित परिवार में 6 बच्चियां हैं। जिनमें 3 की शादी हो चुकी है, बाकी की 3 बच्चियों का भविष्य अंधकार में दिखने की वजह से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। इस मामले की जानकारी महिला सशक्तिकरण अधिकारी को लगने के बाद अब महिला सशक्तिकरण की टीम गांव में जाकर समाज की बैठक करा कर, समझाइस देगी, नहीं मानने पर प्रकरण भी दर्ज करने का आश्वसन दिया है।


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