रातापानी अभ्यारण के विनेका रेंज में मिला मादा बाघिन का शव

रातापानी अभ्यारण के विनेका रेंज में मिला मादा बाघिन का शव

उपेन्द्र मालवीय : राजधानी से सटे रातापानी अभयारण्य की बिनेका रेंज में पांच साल की बाघिन का शव मिला है। शव पांच से छह दिन पुराना है और बाघिन के दोनों अगले पैर के पंजे गायब हैं। जिससे उसके शिकार की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में घटनास्थल के नजदीकी ग्राम लुलका के दो लोगों से वन विभाग के अफसर पूछताछ कर रहे हैं। डॉग स्क्वाड के डॉग घटनास्थल से इन ग्रामीणों के घर तक पहुंचे थे। क्षेत्र में आठ माह में शिकार की यह दूसरी घटना है। 

नियमित गश्ती के दौरान अभयारण्य के लुलका मोरन इलाके में बीटगार्ड ने बाघिन का शव देख लिया था। अफसरों को इसकी सूचना दी गई और शव की रातभर चौकीदारी कराई गई और बुधवार सुबह वन विहार नेशनल पार्क के डॉ. अतुल गुप्ता, शाहगंज व बुधनी के पशुचिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। फारेंसिक टीम ने जांच के लिए शरीर के कुछ अंगों के सेंपल सुरक्षित रखे हैं। हालांकि इससे भी मौत का राज खुलने की संभावना कम है। क्योंकि शव ज्यादा पुराना होने के कारण शरीर के आंतरिक अंग सड़ चुके थे। 

वन अफसरों का दावा है कि बाघिन को गोली नहीं मारी गई है। फिर भी फंदे में फंसाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि बाघिन के अगले दोनों पैर के पंजे गायब हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पंजे फंदे में फंसने से ही उसकी मौत हुई होगी। वहीं जानकार जहर खुरानी की आशंका जता रहे हैं। क्योंकि बाघिन के शरीर पर चोट या बुलट (बंदूक की गोली) के निशान नहीं मिले हैं। 

मैटल डिटेक्टर से जांच 
बाघिन को गोली मारने की आश्ांका जताई जा रही थी। इसलिए मौके पर पहुंची स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने मैटल डिटेक्टर से शव का परीक्षण कराया। वहीं पोस्टमार्टम के दौरान भी शरीर में गोली तलाशी गई। 

आठ माह में दूसरी एक जैसी घटना 
इस क्षेत्र में आठ माह में दूसरी एक जैसी घटना हुई है। 27 मार्च 2018 को गौहरगंज रेंज की घाना बीट में बाघिन का 15 दिन पुराना शव मिला था। उसके चारों पैरों के नाखून, सभी दांत, एक पैर का पंजा, मूंछ के बाल गायब थे। दोनों घटनास्थल (घाना और लुलका) की दूरी करीब 19 किमी है।

मामले में जांच की जा रही है। गोली लगने या फंदे में फंसकर मौत की आशंका नहीं है, लेकिन जहरखुरानी हो सकती है। शव के कुछ अंगों के सेंपल लिए गए हैं। जिन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया है।
 


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