जयारोग्य में बिगड़े स्वास्थ्य सेवाओं के हालात, वेटिंग में मरीजों के नंबर!

जयारोग्य में बिगड़े स्वास्थ्य सेवाओं के हालात, वेटिंग में मरीजों के नंबर!

ग्वालियर। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। लेकिन ग्वालियर के हालात बहुत बुरे हो चुके हैं। यानि कि ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल में इन दिनों अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और ऑपरेशन तक के नंबर की वेटिंग में मिल रहे है। मसलन अगर मरीज को अपना अलट्रासाउंड, एक्सरा या ऑपरेशन कराना है, तो उसका नंबर 2 से 3 महीने बाद में आएगा। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओ के हाल का क्या आप अंदाज लगा सकते है।

अभी तक आपने वाहनों की खरीदी, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की खरीदी पर वेटिंग सुनी होगी। लेकिन अब हम जो खबर आपको बता रहे हैं। वह आपको हैरान करने कर देंगी। क्योंकि ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में इन दिनों एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ऑपरेशन की वेटिंग चल रही है। वेटिंग इस बात को लेकर है कि मरीजों को संख्या ज्यादा है और अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीनों की संख्या बहुत कम। ऐसे में दूर दराज से आने वाले मरीजों को भी वेटिंग का नंबर दिया जा रहा है।

वहीं जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें मजबूरी में मरीजों को वेटिंग नंबर देना पड़ रहा है। क्योंकि मशीनों की संख्या कम है और मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में संभव नहीं है कि हर रोज आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड उसी दिन कर दिया जाएं। जिसके चलते उन्हें 3 महीने का नंबर वेटिंग कर दिया जा रहा है।

इस मामले में डॉ केपी रंजन, पीआरओ, जयारोग्य अस्पताल समूह ने बताया एक्सरें, अल्ट्रासांउड और ऑपरेशन में वेंटिग नंबर देना पड़ रहा है। क्योंकि मरीजों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में संभवं नही है कि सेम डे मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर दिया जाएं।

ग्वालियर का जयारोग्य अस्पताल मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शुमार है।बहरहाल प्रदेश सरकार के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लाख दावे किये जा रहे हो। लेकिन उन दावों की हकीकत सिर्फ कागजी फाइलों और जुबानी आकंड़ो तक ही सीमित है। क्योंकि प्रदेश में एक ओर प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ रहीं है, वहीं मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे है। यह स्थिति चिंताजनक भी है और शर्मनाक भी।


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