सालभर में केवल 12 घंटे खुलता है यह शिव मंदिर, जानिए पूरी खबर!

सालभर में केवल 12 घंटे खुलता है यह शिव मंदिर, जानिए पूरी खबर!

रायसेन। रायसेन के प्राचीन किले पर स्थित सोमेश्वर धाम शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तो को जोश देखते ही बना। साल भर में केवल 12 घंटे के लिए खुलने वाले इस शिव मंदिर में पचास हजार से ज्यादा श्रृद्धालुओ ने अभिषेक कर पूजा अर्चना कर अपनी मंन्नते मांगी। प्रशासन की देखरेख में यहां सुरक्षा आदि क कडेे बंदोबश्त किए गए थे। रायसेन के इस अनोखे मेले की शुरूआत एक जन आंदोलन से हुई थी। तभी से यहां हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर केवल 12 घंटे के लिए मंदिर के गेट खोले जाते है। समय अभाव के चलते लोग उत्सुक्तावस सुबह 5 से ही यहां दर्शन के लिए आ जाते है। 

देश का पहला अनुठा यह एक ऐसा शिव मंदिर है जहां साल भर में पूजा के लिए भक्तों को सिर्फ 12 घंटे ही मिलते है। इस लिहाज से अनोखे इस मंदिर में रायसेन सहित आसपास के शहरो से हजारो की संख्या में श्रृद्वालु भगवान के दर्शन को चले आते है। इस दौरान पुरात्तव विभाग और जिला प्रशासन मंदिर में लोगो की सुरक्षा और सुचारू दर्शन कराने की व्यवस्था कराते है। पुरात्तव विभाग के नियमों के तहत सुबह 5 बजे सूर्योदय से लेकर शाम 6 बजे सूर्यअस्त तक के लिए ही मंदिर प्रांगण के ताले खोले जाते है।

दअरसल मध्यप्रदेश के गठन के बाद सन् 1958 में यह किला भारतीय पुरात्तव विभाग के जिम्मे सौप दिया गया। जिसके बाद विभागीय नियमों के तहत यहां पूजा पाठ बंदकर ताला लगा दिया गया। लेकिन लोगो ने स्थानीय प्रषासन से किले के प्रांगण में स्थित इस मंदिर में पूजा पाठ करने की मांग की जिस पर प्रषासन ने कोई सहयोग नही किया। जिससे नाराज रायसेन के लोगो ने एक गैर राजनैतिक संघर्ष समिति का गठन कर पूरे जिले में चलो रायसेन की ओर नामक आंदोलन छेड दिया। 

जिसके बाद सन् 1973 तात्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाषचंद्र सेठी स्वंय हैलीकाप्टर से शिवरात्रि के मौके पर यहां आए और मंदिर में मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा करावाकर साल में एक दिन शिवरात्रि के मौके पर ताले खुलवाकर मंदिर में पूजा अर्चना करने की परंम्परा की शुरूआत करके चले गए। जिसके बाद से अब यहां हर शिवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाता आ रहा है। जिसमे बड़ी संख्या श्रद्धालु आकर अपनी मनोकामना  मांगते हैं।
 


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