शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शनों के लिए लगा भक्तों का सैलाब

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शनों के लिए लगा भक्तों का सैलाब

संजय ​डोंगरडिवे : शारदीय नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरो में पहुंचे। शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से नवमी तक निश्चित नौ तिथि, नौ नक्षत्र, नौ शक्तियों की नवधा भक्ति के साथ सनातन काल से मनाया जा रहा है। सर्वप्रथम श्रीरामचंद्रजी ने इस शारदीय नवरात्रि पूजा का प्रारंभ समुद्र तट पर किया था और उसके बाद दसवें दिन लंका विजय के लिए प्रस्थान किया और विजय प्राप्त थी।

आदिशक्ति के हर रूप की नवरात्र के नौ दिनों में क्रमशः अलग-अलग पूजा की जाती है।शारदीया नवरात्रि के प्रथम दिवस पर शैलपुत्री कि पूजा कि जाती है, जो दुर्गाजी पहले स्वरूप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। नवरात्र-पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं यहीं से उनकी योग साधना का प्रारंभ होता है।


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