Aug 30, 2022
साल 2022 में 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। कोरोना काल के बाद ये पहला गणेश उत्सव है, यही कारण है कि इसकी धूम कुछ और ही है। गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। ये त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी में मनाया जाता है। इस पर्व पर जगह-जगह पंडाल सजे हैं, लोग धूम-धाम से घरों में गणपति का स्वागत कर रहे हैं। गणेश भगवान को विघ्नहर्ता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि बप्पा को घर लाने से और सच्चे मन से उनकी आराधना करने से भक्तों के सारे कष्ट कट जाते हैं। ऐसे में अगर आप पहली बार गणेश भगवन की मूर्ति घर ला रहे हैं, तो जानिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए....
1.घर में गणपति की बैठी हुई मूर्ति ही स्थापित करें। अगर आप ऑफिस में स्थापना कर रहे हैं, तो आप बप्पा की खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति ला सकते हैं।
2.मूर्ति लेते समय इस बात पर ध्यान जरूर दें कि भगवान की सूंड बाईं ओर हो। दाईं ओर वली सूंड के लिए विशेष नियमों का पालन करना होता है, इसलिए इससे बचें।
3.कभी भी घर के लिए गणपति की नृत्य करती हुई मूर्ति अपने घर ना लाएं। ऐसी मूर्ति घर में लगाने से कलह होती है। इस मुद्रा की मूर्ति किसी को गिफ्ट भी ना करें।
4.इस साल पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रख कर ईको फ्रेंडली मूर्ति ही खरीदें।
5.बाथरूम की दीवार की ओर या बेडरूम में गणपति की मूर्ति न स्थापित करें। बप्पा को घर के बीचों बीच या मंदिर में स्थापित करें।
7.गणेश उत्सव के दौरान गणपति बप्पा की मूर्ति इस तरह से स्थापित करें जिससे गणेश जी की पीठ का दर्शन न हो। हिंदू मान्यता अनुसार पीठ का दर्शन करने से दरिद्रता आती है।
6.मूर्ति स्थापित करने के बाद कभी भी बप्पा को घर में अकेला ना छोड़ें। घर में हमेशा कोई ना कोई होना चाहिए।
7.पूजन में तुलसी का इस्तेमाल ना करें। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी को तुलसी ने श्राप दिया था और पूजा से वर्जित किया था।
8.गणेश जी की प्रतिमा घर में स्थापित करने के बाद उसकी रोजाना सुबह-शाम विधि विधान पूजा करें और भोग लगाएं। गणेश जी की आरती जरूर करें।








