Dec 28, 2016
होम लोन लेने वालों को फायदा हो सकता है क्योंकि हाउजिंग फाइनेंस कंपनियों के बीच इंट्रेस्ट रेट वॉर शुरू होने जा रहा है। नोटबंदी के चलते इन कंपनियों की फंडिंग कॉस्ट कम हुई है। वहीं, इससे होम सेल्स में भी गिरावट आई है। ऐसे में बिजनस बढ़ाने के लिए हाउजिंग फाइनेंस कंपनियां ब्याज दरों में कटौती कर सकती हैं।
सूत्रों ने बताया कि हाउजिंग डिवेलपमेंट फाइनेंस कॉर्प (एचडीएफसी), इंडियाबुल्स हाउजिंग फाइनेंस और डीएचएफएल कुछ हफ्तों में ब्याज दरों में 0.25--0.50 पर्सेंट की कटौती कर सकती हैं क्योंकि उन पर सुस्त डिमांड के बीच लोन ग्रोथ तेज करने का दबाव है। इंडियाबुल्स हाउजिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर गगन बंगा ने कहा, ‘नोटबंदी से हमारी फंडिंग कॉस्ट घटी है। हमने बॉन्ड मार्केट से कम रेट पर पैसा जुटाया है। हम इसका फायदा अपने कस्टमर्स को देंगे। हमें आने वाले क्वॉर्टर्स में होम लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है।’ हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि दरों में कटौती कब होगी।
8 नवंबर को डीमॉनेटाइजेशन के ऐलान के बाद से घरों और होम लोन की मांग में काफी गिरावट आई है। इससे रियल एस्टेट में काले धन का आना रुक गया है। डीमॉनेटाइजेशन के बाद हाउजिंग फाइनेंस कंपनियों की फंडिंग कॉस्ट में 0.25-0.30 पर्सेंट की गिरावट आई है। इन कंपनियों ने बॉन्ड मार्केट और कमर्शियल पेपर बेचकर काफी रकम भी जुटाई है। इंडियाबुल्स हाउसिंग ने नवंबर में बॉन्ड से 500 करोड़ रुपये जुटाए थे। वहीं, दो महीने पहले पहले उसने 8.55 पर्सेंट पर 150 करोड़ रुपये हासिल किए थे।








