विभाग और ठेकेदारों ने एनीकट निर्माण में जमकर किया भ्रष्टाचार, अब हो रही लीकेज की समस्या

विभाग और ठेकेदारों ने एनीकट निर्माण में जमकर किया भ्रष्टाचार, अब हो रही लीकेज की समस्या

ग्राम पंचायत करमोती के आश्रित ग्राम जामरी में वर्ष 2014 में 1.68 करोड़ की लागत से एनीकट बनाया विभाग ने दावा किया था एनीकट बनने से 120 हेक्टेयर खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलने के साथ ही गर्मियों में यहां पानी रोकने से क्षेत्र का जलस्तर बढ़ेगा विभाग तथा ठेकेदार ने एनीकट निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया तथा एनीकट बनने के बाद गर्मियों में पानी रोकने इसके गेट बंद किए गए तो गेट के बीच से पानी बहने लगा नतीजा यह रहा की पानी रुका ही नहीं।

ना किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिला और ना ही क्षेत्र का जलस्तर बढ़ा वर्ष 2013-14 में जलसंसाधन विभाग को 1.68 करोड़ की लागत से करमोती में एनीकट बनाने स्वीकृति मिली कार्य का ठेका एमसी पुल्लारेड्डी को मिला विभाग के इंजीनियर के देखरेख में ठेकेदार ने नियमों को ताक में रखते एनीकट निर्माण कार्य कराया गांव के लोगों ने निर्माण के समय भी विरोध किया था लेकिन विभाग के अफसरों ने उनकी आवाज को यह कह कर दबा दिया की काम ठीक हो रहा है।

किसान गन्नूराम दर्रो ने बताया एनीकट में सिर्फ बारिश में ही पानी भरा रहता है क्योंकि उस समय पानी नाला से आते रहता है गर्मी शुरू होने के पहले ही एनीकट सूख जाता है एनीकट में 6 गेट हैं गर्मियों में पानी रोकने गेट बंद करने पर गेटों के बीच से पानी लीकेज होकर बह जाता है करमोती सरपंच गजेश पोटाई ने कहा निर्माण में अफसरों तथा ठेकेदार ने भ्रष्टाचार किया है निर्माण के समय भी आपत्ति की गई थी लेकिन अधिकारियों ने कहा दिया काम सही हो रहा है।


Share
Bulletin