1 जुलाई 1992 भिलाई गोलीकांड बरसी, 17 साथियों को दी श्रृद्धांजलि

1 जुलाई 1992 भिलाई गोलीकांड बरसी, 17 साथियों को दी श्रृद्धांजलि

1 जुलाई 1992 को भिलाई में हुए गोलीकांड की बरसी पर छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा के सदस्य बडी संख्या में एकत्रित हुए जहां उन्होंने शहर में एक विशाल रैली निकाली और पावर हाउस स्टेशन पहुंचकर गोलीकांड में शहीद हुए उनके 17 साथियों को श्रृद्धांजलि देकर न्याय की लडाई लगातार जारी रखने का संकल्प लिया।

वो एक जुलाई का दिन था जब पुलिस की गोलियों का शिकार 17 मजदूर और २ पुलिस जवान हुए थे। भिलाई के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी निर्दोष श्रमिकों के उपर गोलियां चलाई गई। इस गोलीकांड में 17 श्रमिक मारे गए थे जिनके शहादत दिवस पर प्रतिवर्ष छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा शहीद दिवस मनाता आ रहा है। 26 वर्षो से चली आ रही इस परम्परा का निवर्हन आज भी किया गया, इस अवसर पर शहीदों को श्रृद्धांजलि देने के लिए बडी संख्या में मुक्ति मोर्चा के सदस्य शामिल हुए जहां उन्होने पावर हाउस रेल्वे स्टेशन के उसी स्थान पर शहीदों को श्रृद्धांजलि दी गई जहां वे गोलीकांड का शिकार हुए थे। छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा का कहना है कि आज भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है जिसके लिए वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

शहीद दिवस के अवसर पर एक रैली भी निकाल गई जिसमें बारिश भी श्रमिकों के हौसलों के आगे पस्त नजर आई। भारी बारिश के बावजूद श्रमिकों ने रैली निकाली और शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। श्रमिक नेताओं का कहना है कि एक बार फिर समाज खडा हो रहा है और अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाई जा रही है जिससे उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है।

बहरहाल लगातार श्रमिकों का आंदोलन जारी है ऐसे में देखना होगा कि जिन मांगों को लेकर ये 26 वर्षो से लडाई लड रहे हैं वह मांगे कब पूरी होती है और इन्हें कब तक न्याय मिलता है ।

 


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