मंदसौरः अस्पताल में तड़पती रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्टाफ थे लापता

मंदसौरः अस्पताल में तड़पती रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्टाफ थे लापता

बलवन्त भट्ट- सरकार लाख प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त होने के दावा कर रही है लेकिन जमीनी हालात कुछ अलग ही नजर आ रही है। दरअसल सीतामऊ प्राथमिक चिकित्सालय में चल रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मीटिंग में अचानक चक्कर आने से एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बेहोश हो गई। मीटिंग में बैठी अन्य कार्यकर्ताएं उसे इमरजेंसी रूम में लेकर गई तो पूरे हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। कार्यकर्ताओं ने पूरे हॉस्पिटल में डॉक्टरों को ढूंढा और इलाज का गुहार लगाती रही, लेकिन कोई डॉक्टर महिला को देखने नहीं आया।

सीतामऊ हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही आई सामने, हॉस्पिटल स्टॉप करता रहा थर्ड डिग्री पार्टी

आखिरकार तड़पती महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल मन्दसौर ले जाया गया। जब मीडियाकर्मियों द्वारा डॉक्टरों के बारे में पूछा गया और जब बाद में पता किया गया तो नजारा कुछ ओर ही देखने को मिला। हॉस्पिटल का पूरा स्टॉप अपने किसी साथी का जश्न मना रहा था। हॉस्पिटल के NRC रूम में गेट लगाकर अन्दर पार्टी चल रही थी। मीडिया के कैमरों को देख एक-एक कर डॉक्टर बाहर निकल गए। जब वह उपस्थित डॉक्टरों से इस बारे में पूछा गया तो वे बच्चों के बर्थडे होने का बहाना करने लगे।

जबकी एनआरसी वार्ड में किसी बच्चे का जन्मदिन नहीं था। बल्कि हॉस्पिटल स्टॉप में ही एक कर्मचारी का बर्थडे था। हॉस्पिटल में बर्थडे मनाना तो ठीक है लेकिन इलाज के अभाव में महिला मौत के मुंह से लड़ रही और डॉक्टरों की पार्टी चल रही, कहां तक उचित है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ स्वयं भी इस पार्टी में मौजूद थे। जिनके ऊपर पूरे हॉस्पिटल का जिम्मा है। अब देखना यह होगा कि सारी व्यवस्था सुचारू रूप से होने का दावा करने वाले जिम्मेदार इन पर क्या कार्यवाही करते हैं।


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