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मध्यप्रदेश सरकार के दावे हुए खोखले साबित, स्थानीय कंपनियों में लोगों को नहीं मिल रहा रोजगार

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Jul 1, 2020

नवीन मिश्रा : सिंगरौली जिले में प्रदेश सरकार का स्थानीय लोगों को रोजगार देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। असल में यहां काम कर रही एक निजी कंपनी के अधिकारी का दावा है कि भारत सरकार की मिनिरत्न कंपनी एनसीएल से काम के अनुबंध में स्थानीय लोगों को रोजगार देने जैसी कोई शर्त नहीं रखी गई है। बता दें कि, सरकार हमेशा से ही इस बात का दावा कर रही थी कि स्थानीय उद्योग धंधों में स्थानीय लोगों को 50 प्रतिशत पक्का रोजगार दिया जाएगा, लेकिन यह दावे महज दावे ही रह गये।

मिनी रत्न कंपनी एनसीएल की 11 कोल परियोजनाएं, हजारों की संख्या में श्रमिक कर रहे काम
दरअसल, सिंगरौली जिले में भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी एनसीएल की 11 कोल परियोजनाएं हैं और यहां पर हजारों की संख्या में श्रमिक काम करते हैं। सबसे ज्यादा रोजगार यहां स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए लेकिन एनसीएल में कोयले के ऊपर मिट्टी हटाने का काम करने वाली कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार न देकर बाहरी लोगों को रोजगार देती हैं।

एनसीएल से काम करने के लिये हुआ था एग्रीमेंट
ओ.बी. कंपनी दिलीप बिल्डकॉन ने स्पष्ट किया है कि एनसीएल से काम के लिए जो उनका एग्रीमेंट हुआ है उसमें किसी भी तरह से यह शर्त नहीं रखी गयी है कि स्थानीय लोगों को रोजगार देना है। फिर भी कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देती है लेकिन जब 50% की बात आती है तो उसमें अनुबंध न होने की तर्ज पर स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पाता है। सिर्फ एक कंपनी में नहीं बल्कि एनसीएल के सभी प्रोजेक्टों का लगभग यही हाल है।