चौथी पारी की तैयारी में जुटे रणनीतिकार, युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग और अनुभवी दावेदारों पर जताया भरोसा

चौथी पारी की तैयारी में जुटे रणनीतिकार, युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग और अनुभवी दावेदारों पर जताया भरोसा

वरूण शर्मा : प्रदेश सत्ता के लिए चौथी पारी की तैयारी में जुटे भाजपा के शीर्ष चुनावी रणनीतिकार कोई जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि अबकि टिकट वितरण में पार्टी ने युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग और अनुभवी दावेदारों पर भरोसा जताया है। 

मध्यप्रदेश के सतना में अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व रैगांव सीट से जहां 78 वर्षीय पूर्व मंत्री जुुगुल किशोर बागरी मैदान में उतारे गए हैं, वहीं खजुराहो से पार्टी के सांसद और 75 वर्ष के एक अन्य पूर्व मंत्री नागेन्द्र सिंह पर विश्वास जताया गया है। यानि भाजपा उस फार्मूले को लेकर सतना में विफल रही है। जिसमें शीर्ष संगठन कहता था कि 75 पार वालों को भाजपा टिकट नहीं देगी। 

याद करिए जब वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर और सरताज सिंह का मंत्री पद 75 साल की भेंट चढ़ गया था। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रैगांव के लिए पूर्व मंत्री जुगुल किशोर के बेटे और जिला पंचायत के तत्कालीन पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पराज और नागौद के लिए जिला पंचायत के तबके अध्यक्ष गगनेन्द्र प्रताप सिंह को मैदान में उतारा था। मगर, ये दोनों युवा चेहरे जनादेश नहीं जुटा पाए। रैगांव सीट अभी बसपा और नागौद सीट कांग्रेस के पास है। जबकि खजुराहो सांसद नागेंद्र सिंह इससे पहले 2008 के चुनाव में नागौद सीट को फतह कर मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं। जब नागेंद्र सिंह से 75 वर्ष पार टिकट पर सवाल किया गया तो देखिए कैसे बड़ी खूबसूरती से सवाल को टाल दिया।

 

 


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