PWD दफ्तर में EOW टीम की कार्यवाही, कार्यलय से भागे कर्मचारी 35 लाख के डामर घोटाले का है मामला

PWD दफ्तर में EOW टीम की कार्यवाही, कार्यलय से भागे कर्मचारी 35 लाख के डामर घोटाले का है मामला

शिवराम बर्मन - जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम बुधवार की सुबह 11 बजे डिंडौरी पहुंची जहां टीम ने पीडब्ल्यूडी दफ्तर पर दबिश दी दबिश की जानकारी लगते ही कार्यालय से अधिकारी कर्मचारी भागते नजर आए ईओडब्ल्यू टीम वर्ष 2007,08 में दर्ज हुए भ्रस्टाचार के मामले में जांच करने डिंडौरी पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुँची थी बताया जा रहा है कि 35 लाख का डामर घोटाला पीडब्ल्यूडी विभाग के तत्कालीन एक्जक्यूटिव इंजीनियर और एसडीओ के द्वारा की गई थी।

2009 में ईओडब्लू ने किया था प्रकरण दर्ज

बता दें की जानकारी जुटाने के लिए ईओडब्लू को पिछले 3 साल से डिंडौरी पीडब्ल्यूडी के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे है जबलपुर ईओडब्लू के जांच अधिकारी स्वर्णजीत सिंह धामी के बताए अनुसार डिंडौरी जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा वर्ष 2007-08 में 35 लाख रुपये का सड़क में इस्तेमाल किये जाने वाले डामर का घोटाला किया गया था। जिसे वर्ष 2009 में ईओडब्लू ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

2 अधिकारियों को बनाया आरोपी

इस भ्रस्टाचार के मामले में 2 तत्कालीन अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था जिनका नाम पीड़ी वर्मा तत्कालीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर डिंडौरी और टीपी नामदेव एसडीओ डिंडौरी रहे जांच अधिकारी धामी ने बताया कि वर्ष 2009 में 4/0 में प्रकरण दर्ज हुआ था जिसमे 500 मेट्रिक टन डामर की ख़रीदी की गई थी पीडब्ल्यूडी विभाग डिंडौरी के द्वारा लेकिन उसमे जांच में पाया गया था कि डामर की आमद नही हुई थी,बाद में जब ईओडब्लू ने डामर से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे तब बाद में डामर की एंट्री रिकॉर्ड में कई गई लेकिन उसका खर्च नही दस्तावेज में दर्शाया गया वहीं अन्य 3 ओर मामले है जिनकी जांच कर रहे है।

 


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