May 11, 2018
एक तरफ प्रदेश में पानी की किल्लत को देखते हुए शासन प्रशासन चिन्हांकित स्थानों में नलकूप उत्खनन करा रही है ताकि लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना न पड़े वहीं धमतरी में नलकूप खनन के नाम पर एक फर्जीवाड़ा सामने आया है यहां अधिकारियों की मिलीभगत से 2 अतिरिक्त नलकूप खनन होना दिखाकर राशि आहरण कर लिया गया है जबकि इस नलकूप का खनन पहले ही चुका था। ऐसे में अब अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठना शुरू हो गया है।
अलग अलग वार्डों में नलकूप खनन का काम शुरू
शिकायत के बाद नगरीय प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी है दरअसल मामला नगर पंचायत नगरी का है जहां साल 2017 में पेयजल संकट मद से 7 लाख रू लागत से 7 बोर खनन कार्य स्वीकृत किया गया, जिसमें से 7 स्थानों के बजाए 5 जगहों में ही नलकूप खनन का टेंडर जारी हुआ। इसके बाद नगर के अलग अलग वार्डो में नलकूप खनन का काम शुरू हुआ।लेकिन यहां पांच के बजाए 3 जगहों पर ही नलकूप का खनन किया गया वहीं नगर पंचायत के अफसरों ने पांच जगहों पर नलकूप होना दिखाकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया जिसकी जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ।
आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि जिस जगह पर नलकूप खनन होना बताया गया है वहां पहले से ही नलकूप का खनन किया जा चुका है यहां तक फर्जी तरीके से नलकूप खनन कार्य का भुगतान भी कर दिया गया है ऐसे में दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई जाने की मांग उन्होंने की है इसके आलावा वार्ड के पूर्व पार्षद सहित नागरिकों ने भी नलकूप खनन की बात को अवैधानिक बताया है। वैसे इस मामले में नगर पंचायत नगरी के अफसर नलकूप खनन होने की दलील के साथ आरोप को झूठ होना बता रहे है तो वहीं मामले के संज्ञान में आने के बाद जिला कलेक्टर ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बहरहाल भीषण गर्मी में जहां लोग पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे है वही पेयजल के नाम पर यह फर्जीवाड़ा लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर रहा है वहीं देखना होगा कि प्रशासन ऐसे फर्जीवाड़ा पर लगाम कसने में कामयाब होते है या नही।