Nov 11, 2022
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर से बड़ा एलान किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महापुरुषों के नाम पूरे लिए जाएंगे। अब उनका अपमान प्रदेश में सहा नहीं जाएगा। इसके लिए प्राविधान किया जाएगा। महापुरुषों के नाम पर जिन शहरों के नाम है। उनका पनाम पूरा लिखा जाएगा। जैसे ग्वालियर महारानी लक्ष्मी बाई कालेज को एमएलबी कहते हैं और भोपाल में तात्याटोपे नगर को टीटी नगर कहा जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने फूलबाग में आयोजित अभाविप के अधिवेशन में कही। फूलबाग मैदान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 55वां प्रांतीय अधिवेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। दरअसल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के भव्य प्रांतीय 55 वां अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 18 जिलों से 1200 से ज्यादा छात्र छात्राएं और प्राध्यापक शामिल हो रहेहै। ABVP के आधिवेशन में एमपी के वर्तमान परिदृश्य को लेकर होगी चर्चा हो रही है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकांत मौजूद सहित... कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष धर्मेंद्र राजपूत और प्रांत मंत्री आयुष पाराशर भी मौजूद थे। इस दौरान सीएम शिवराज सिंह ने मंच से कहा.... कि वे 1974 से ABVP से जुड़े है, सीएम ने किस्सा सुनाते हुए कहा कि सूर्यकांत केलकर जी का नाम सभी जानते है, वह मुझे आपातकाल के समय एक जगह ले गए। केलकर जी की डायरी में मेरा नाम था, कुछ दिन बाद जब वह गिरफ्तार हुए.... तो पुलिस ने डायरी में नाम होने के कारण खोजा। मेरे भी दरवाजे पर पुलिस आ गयी.... कहा कि यह डेढ़ हड्डी का क्या इंदिरा गांधी के लिए आंदोलन चला रहा होगा। लेकिन उसी मेसे एक पुलिस वाले ने बहुत मारा, थाना हबीबगंज ले गए मुझे, पूछताछ भी। हबीबगंज थाना वही जिसका अब हम नाम बदलने जा रहे है। वहाँ से पुलिस के दो सिपाहियों के हाथों मुझे जेल भेजने निकले, साढे 9 महीने जेल रहा, जेल से निकलने के बाद संगठन मंत्री बना, आज मैं जो कुछ हूं विद्यार्थी परिषद की वजह से हूं.... इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने कहा.... दर्द होता है, आजादी के बाद जिन्होंने सत्ता संभाली वह देश को सही दिशा में नहीं ले गए। भारत मां का विभाजन कर दिया..... भारत पाकिस्तान के युद्ध को याद करते हुए कहा कि, यदि युद्ध विराम नहीं होता तो आज पूरा कश्मीर हमारा होता। इसके साथ ही उन्होनें कहा... अब जल्द ही धार में वागदेवी की प्रतिमा लगाई जाएंगी। साथ ही मध्यप्रदेश की धरती पर राज्य का नाम हिंदी में लिखा जाएगा। जल्दी आदेश निकाला जाएगा।








