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जानिए कब है महादेव का महाशिवरात्रि व्रत

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Feb 8, 2018

यह पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस द‍िन शिवजी और माता पार्वती विवाह-सूत्र में बंधे थे। जबकि कुछ का मत है कि महाश‍िवरात्र‍ि पर ही भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान कालकूट नाम का विष पिया था। इस साल महाशिवरात्रि पर्व दो दिन यानि 13 और 14 फरवरी को मनाया जाएगा। आप किसी भी दिन शिवरात्रि पर्व मना सकते हैं, इस संबंध में पंचांग भेद भी हैं, कुछ क्षेत्रों में 13 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। 13 फरवरी को पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और मध्यरात्रि में 11 बजकर 35 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग रही है।

जबकि 14 फरवरी को पूरे दिन और रात 12 बजकर 47 मिनट तक चतुर्दशी तिथि है। जहां स्थानीय रात्रिमान के अनुसार निशीथकाल 14 फरवरी को रात 12 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हो रहा है वहां 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत किया जा सकता है।

पूजा और मुहूर्त का समय :
निशिथ काल पूजा- 24:09 से 25:01 
पारण का समय- 07:04 से 15:20 (14 फरवरी)
चतुर्दशी तिथि आरंभ- 22:36  (13 फरवरी)
चतुर्दशी तिथि समाप्त- 00:48 (15 फरवरी)
श्रीमहाशिवरात्रि = 13 फ़रवरी 2018

चार प्रहर पूजन का समय :-
प्रथम = 18:05 से 21:20 तक
द्वितीय = रात्रि 21:20 से 24:35 तक
तृतीय = रात्रि 24:35+ से 27:49 तक
चतुर्थ = रात्रि  27:49+ से 31:04 तक

शिव जी का कैसे करें अभिषेक 
महाशिवरात्रि के दिन शिव अभिषेक करने के लिए सबसे पहले एक मिट्टी का बर्तन लेकर उसमें पानी भरकर, पानी में बेलपत्र, आक धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग को अर्पित किए जाते हैं। व्रत के दिन शिवपुराण का पाठ क‍िया जाता है और मन में अच्‍छे व‍िचार रखे जाते हैं। शिवरात्रि के अगले दिन सुबह जौ, तिल, खीर और बेलपत्र का हवन करके व्रत समाप्त किया जाता है।