सुकमाः नक्सलियों के विचारधारा से मोहभंग होने के बाद अर्जुन ने किया था आत्मसमर्पण

सुकमाः नक्सलियों के विचारधारा से मोहभंग होने के बाद अर्जुन ने किया था आत्मसमर्पण

शिव यादव- दक्षिण बस्तर का एक बड़ा नाम है अर्जुन, जो पिछले 20 वर्षों से नक्सली संघठन में रहकर नक्सलियों की कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा था। जब वह नक्सलियों के साथ था तो दक्षिण बस्तर में उसका काफी खौफ था। अगर लोगों की माने तो अर्जुन जितना अच्छा कमांडर था उससे भी ज्यादा अच्छा वक्ता हुआ करता था। जिसकी वजह से उसे कोण्टा एरिया कमेटी का कमांडर बना दिया गया। मगर नक्सलियों के विचारधारा से मोहभंग होने के बाद उसने फरवरी महीने में सुकमा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

अच्छे वक्ता होने की वजह से सुकमा पुलिस ने अर्जुन को नक्सलियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम सौंपा

अच्छे वक्ता होने की वजह से सुकमा पुलिस कप्तान शलभ सिन्हा ने उसे लोगों को जागरूक करने और नक्सलियों के खोखली विचारधारा से लोगों को परिचित कराने का काम दिया। बकायदा अब अर्जुन एक टीम इसके लिए काम कर रही है और हर गांव-गांव जाकर साप्ताहिक बाजारों में कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों में जागरूकता लाने में अर्जुन की टीम जुट गई है। अर्जुन जैसे बड़े नक्सली लीडर को पुलिस के साथ देख अंदुरुनी क्षेत्रों के ग्रामीण भी उसे सुनते हैं। खास तौर नक्सलियों के गढ़ों में अर्जुन की टीम पूरी सुरक्षा के बीच पहुंचती है। साथ ही साथ साप्ताहिक बाजारों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती।


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