संबल योजना में अपात्रों को पात्र बनाने का मामला उजागर

संबल योजना में अपात्रों को पात्र बनाने का मामला उजागर

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में पंचायत व जनपद के प्रशासनिक कारिंदो की कारस्तानी एंव मिलीभगत के चलते अपात्रो को पात्र बनाकर हितग्राही की मृत्यु पर शासन से अनुग्रह राशी दिलाने का मामला सामने आया है। 

सबंल योजना में एक अपात्र को पात्र हितग्राही बनाकर को दो लाख की राशी तक जारी कर दी है। वही करीब तीन पंचायतो मे 6 लोगो के प्रकरण स्वीकृत कर दिए गए। जिनमे मृत्यु प्रमाण पत्र व आईडी मे उम्र का अंतर होने पर उज्जैन कमिश्नर ने कलेक्टर को जांच के लिए पत्र लिखा । जनपद द्वारा जाच करने पर  मामला उजागर हुआ है। योजना के तहत 18 से 60 साल की आयु के महिला पुरुष की मृत्यु पर उन्हें शासन द्वारा अनुग्रह सहायता राशि बतौर 2 लाख की राशि दी जाती है।जिसमे जनपद पंचायत के संबल योजना शाखा प्रभारी व पंचायत सचिव द्वारा उम्र अधिक होने पर भी योजना में पात्र बनाकर लाभ दिए जाने की तैयारी कर प्रकरण स्वीकृत कर दिए। जब इस मामले में फाइल उज्जैन कमिश्नर के यहां पहुंची तो उन्होंने पन्नियां दिनांक व सत्यापन दिनाक में मिस मैच पाया तो जांच के लिए पत्र लिखा। 

जनपद सीईओ अभिषेक चौरसिया ने जांच में ऐसे टेवन पंचायतों जिनमे सोनड़ी के 3, खिमला के 2 व एक चेनपुरिया ब्लाक के मामले सामने आए है। जांच के दौरान सीईओ ने योजना के प्रभारी विजय विजयवर्गीय की शाखा बदल दी। वहीं खिमला ब्लॉक पंचायत के दलसिंह बंजारा को तत्कालीन सीईओ फिरदोज शाह के कार्यकाल में अनुग्रह राशि जारी की गई। जिसकी आयु60 साल से अधिक पाई गई। जनपद सीईओ चौरसिया ने कहा कि आयु सीमा में गड़बड़ की गई। वही पूर्व सीईओ ने 2 लाख की राशि जारी की गई जिनसे वसूली होना चाहिए। जो नियम विरुद्ध हुई है। मामला उजागर होने के बाद छः प्रकरण निरस्त करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है। वही मामला उजागर होने पर हड़कंप मच गया। 


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