Jun 26, 2017
अनूपपुर : जिले के सकोला में बीते सप्ताह हुये एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गयी हैं। पुलिस ने हत्या के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं। आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल की सजा काट चूकें हैं। 18 जून को दिनेश सिंह का शव जमुना रेल फाटक के करीब रेलवे ट्रैक पर पड़ा था। पहले इसे रेल दुर्घटना माना गया था, बाद में पीएम रिपोर्ट से दिनेश की हत्या की बात सामने आयी। हत्या स्थल से दो सायकिल मिली थी। सायकिल मृतक और उसके साथी की थी। घटना स्थल से डर कर भागे साथी से पूछताछ की गयी तो हत्याकाण्ड का खुलासा हुआ।
कुछ दिन पहले मृतक दिनेश और आरोपी दुर्योधन के बीच बैल खरीदी की रशीद को लेकर विवाद हुआ था। दुर्योधन अपने साथियों के साथ हत्या की योजना बना रहा था। मृतक दिनेश और उसका साथी बबलू महरा जब कोतमा मावेशी बाजार से लौट रहे थे, तभी चारों आरोपी दुर्योधन केवट, रामखिलावन, वीरेंद्र केवट और दिनेश ने मृतक और उसके साथी को घेर लिया और लाठी से हमला कर दिया। दिनेश की मौके पर ही मौंत हो गयी जबकि उसका साथी वहां से किसी तरह भाग निकला।
पुलिस ने हत्यारों का पता लगते ही उनकी गिरफ्तारी की कोशिशें तेज कर दी थी। रविवार को चारों आरोपी दुर्योधन केवट, रामखिलावन, वीरेंद्र केवट और दिनेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया हैं। मिली जानकारी अनुसार दुर्योधन केवट का 20 से 25 दिन पूर्व मृतक दिनेश सिंह से बैल खरीदी की रशीद बिल को लेकर झगड़ा हुआ था, झगड़े के दौरान मृतक दिनेश सिंह ने दुर्योधन केवट को भीड़ के सामने एक झापड़ जड़ दिया था , विवाद बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कर दिया गया था, आरोपी दुर्योधन अपने बेज्जती का बदला लेने की फिराक मे काफी दिन से था, वह मृतक दिनेश सिंह के आने जाने पर बराबर नजर बनाए रखता था, और आखिरकार आरोपी को 18 जून 2017 की शाम को वह मौका मिल गया, कोतमा मावेशी बाजार में आरोपी दुर्योधन केवट ने मृतक दिनेश सिंह को देख लिया और अपने सांथियो को फोन कर बाजार बुला लिया, शाम होने के बाद मृतक दिनेश सिंह और उसका साथी बबलू केवट अपने अपने सायकिल में बैठकर सकोला गाँव के लिए रवाना हुए तो पहले से घात लगाए चारों आरोपियों ने दिनेश केवट का पीछा किया। लतार के जंगल में सूना पाकर मोटर सायकिल में सवार आरोपियों ने मृतक दिनेश के सायकिल पर पीछे से टक्कर मारकर उसे गिरा दिए, फिर चारो आरोपी उसे लाठी से पीटने लगे, मृतक की मौंके पर ही मौंत हो गयी। जैसे तैसे मृतक का साथी चारों आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रहा और उसकी जान बच गई, लेकिन आरोपियों ने बबलू महरा को किसी को न बताने की धमकी दी। जिसे सुनकर मृतक का साथी डर गया और किसी को भी घटना की जानकारी नही दी। आरोपियों ने लाश को मोटर सायकिल में लाद कर जंगल के नजदीक ही कोतमा-अनूपपुर रेल मार्ग जमुना रेलवे फाटक के करीब पटरियों में फेंक दिया, जिससे हत्या न होकर रेल हादसा लगे। आरोपी सन् 2000 में दो हत्या कर चुका हैं और 8 माह पहले ही सजा काट कर बाहर आया था। रविवार को चारों आरोपी दुर्योधन केवट, रामखिलावन, वीरेंद्र केवट और दिनेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया हैं।








