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महाराष्ट्र के 'दादा' अजित पवार का भावुक विदाई समारोह: बारामती में पंचतत्व में विलीन हुए नेता

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Jan 29, 2026

महाराष्ट्र के 'दादा' अजित पवार का भावुक विदाई समारोह: बारामती में पंचतत्व में विलीन हुए नेता

 महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की दुखद मौत हो गई। यह हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। 29 जनवरी को उनके गृहनगर बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां उनके बेटे पार्थ ने मुखाग्नि दी। हजारों समर्थकों ने आंसुओं के साथ 'दादा' को अंतिम प्रणाम किया। यह घटना राज्य की सियासत में गहरा शून्य छोड़ गई है। (लगभग 70 शब्द)

 विमान हादसे की पूरी घटना

28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे चार्टर्ड लर्नजेट 45 विमान में अजित पवार सवार थे। लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार के अलावा पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव की मौत हो गई। हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रही है, और पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरा सदमा पहुंचाया।

 अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ और VVIPs की मौजूदगी

बारामती के विद्या प्रतिष्ठान श्मशान घाट पर अजित पवार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज ठाकरे और कई अन्य प्रमुख नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। परिवार की ओर से सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और अन्य सदस्य भावुक दिखे। हजारों स्थानीय लोग 'अजित दादा अमर रहे' के नारे लगाते हुए अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

 परिवार और समर्थकों की भावुक विदाई

अजित पवार के बेटे पार्थ ने मुखाग्नि दी, जिस क्षण पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छा गया। परिवार के सदस्यों ने एकजुट होकर अंतिम विदाई दी। अभिनेता रितेश देशमुख सहित कई हस्तियां भी मौजूद रहीं। बारामती, जो उनका राजनीतिक गढ़ था, ने नम आंखों से 'दादा' को अलविदा कहा। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया, जिससे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

 राजनीति पर प्रभाव और श्रद्धांजलि

अजित पवार की अचानक मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। वे एनसीपी के प्रमुख स्तंभ थे और लंबे समय से उपमुख्यमंत्री रह चुके थे। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, जो उनके सियासी कद को दर्शाता है। यह हादसा राजनीतिक एकता का प्रतीक भी बना, जब विरोधी दल भी एक साथ खड़े दिखे। अजित पवार की यादें बारामती और महाराष्ट्र में हमेशा जीवित रहेंगी।

Report By:
Monika